बलरामपुर में नाबालिग से छेड़खानी के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट न्यायालय ने तीन अभियुक्तों को सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी को तीन वर्ष के कारावास और 2,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत की गई। यह मामला 7 अप्रैल 2018 का है, जब तुलसीपुर थाना क्षेत्र निवासी एक वादी ने अपनी नाबालिग बहन के साथ छेड़खानी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर सोनू पुत्र कुन्नू लाल, राजू पुत्र राधेश्याम और रोहित पुत्र कुन्नू लाल निवासीगण विशुनपुर खैरहिया, थाना तुलसीपुर के खिलाफ मु0अ0सं0 57/18 धारा 354 आईपीसी और धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। अभियोग की विवेचना उपनिरीक्षक लाल बहादुर द्वारा की गई थी, जिसके बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार के निर्देशन में ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत प्रभावी पैरवी की गई। मॉनिटरिंग सेल के नोडल प्रभारी अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय के नेतृत्व में विशेष लोक अभियोजक पवन कुमार शुक्ला और प्रभारी मॉनिटरिंग सेल बृजानंद सिंह ने तुलसीपुर पुलिस के साथ मिलकर मामले की पैरवी की। प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, बलरामपुर ने अभियुक्त सोनू, राजू और रोहित को दोषी ठहराया। न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को उपरोक्त धाराओं के तहत तीन वर्ष के कारावास और प्रत्येक को 2,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
नाबालिग से छेड़खानी मामले में तीन अभियुक्तों को सजा:बलरामपुर न्यायालय ने प्रत्येक को 3 साल कारावास, 2 हजार रुपए जुर्माना लगाया
बलरामपुर में नाबालिग से छेड़खानी के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट न्यायालय ने तीन अभियुक्तों को सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी को तीन वर्ष के कारावास और 2,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत की गई। यह मामला 7 अप्रैल 2018 का है, जब तुलसीपुर थाना क्षेत्र निवासी एक वादी ने अपनी नाबालिग बहन के साथ छेड़खानी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर सोनू पुत्र कुन्नू लाल, राजू पुत्र राधेश्याम और रोहित पुत्र कुन्नू लाल निवासीगण विशुनपुर खैरहिया, थाना तुलसीपुर के खिलाफ मु0अ0सं0 57/18 धारा 354 आईपीसी और धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। अभियोग की विवेचना उपनिरीक्षक लाल बहादुर द्वारा की गई थी, जिसके बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार के निर्देशन में ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत प्रभावी पैरवी की गई। मॉनिटरिंग सेल के नोडल प्रभारी अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय के नेतृत्व में विशेष लोक अभियोजक पवन कुमार शुक्ला और प्रभारी मॉनिटरिंग सेल बृजानंद सिंह ने तुलसीपुर पुलिस के साथ मिलकर मामले की पैरवी की। प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, बलरामपुर ने अभियुक्त सोनू, राजू और रोहित को दोषी ठहराया। न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को उपरोक्त धाराओं के तहत तीन वर्ष के कारावास और प्रत्येक को 2,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।









































