विक्रमजोत विकास क्षेत्र के अमोलीपुर गांव स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पर दो दिवसीय पौराणिक मेले का आयोजन गुरुवार और शुक्रवार को होगा। अगहन मास की पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाले इस मेले में क्षेत्रीय लोगों के अलावा दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थानीय प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। मंदिर प्रशासन ने लगभग एक किलोमीटर के मेला परिक्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा और निगरानी के लिए कर्मी तैनात किए हैं। मेले में दुकानें, सर्कस और झूले शनिवार से ही तैयार हैं। थानाध्यक्ष छावनी जनार्दन प्रसाद ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए मेले में अलग-अलग थानों से पर्याप्त महिला और पुरुष पुलिस बल तैनात किया गया है। चौकी प्रभारी विक्रमजोत शशिशेखर सिंह ने जानकारी दी कि दुकानदारों के स्टॉल रविवार से ही सजने शुरू हो गए थे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मेले में लगने वाले झूले, सर्कस और दुकानदारों से बातचीत कर फायर इंस्ट्रूमेंट सहित आवश्यक सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है। मेला प्रशासन द्वारा साफ-सफाई और सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। मंदिर के महंत अजित दास ने बताया कि मंदिर के अभिलेखों के अनुसार, करीब 1265 ईस्वी में अयोध्या हनुमानगढ़ी के सिद्ध संत बाबा बालक दास ने अमोलीपुर मंदिर और पवित्र नौ कुंडीय बावली का निर्माण कराया था। तभी से इस स्थान पर प्रत्येक अगहन मास की पूर्णिमा को मेले का आयोजन हो रहा है। विगत कुछ वर्षों से मेले का समापन मंदिर परिसर में वृहद भंडारे के साथ होता है।



























