वन विभाग की टीम जंगल से सटे गांवों में जंगली जानवरों से बचाव के लिए जन-जागरूकता अभियान चला रही है। वराहवा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी बीके सिंह ने हरैया सतघरवा के जंगल से सटे गांव लबी कोहल में ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि जंगल से सटे गन्ना और अरहर के खेतों में अक्सर तेंदुए, लकड़बग्घा और भेड़िया जैसे जंगली जानवर आ जाते हैं। गन्ना कटाई का समय होने के कारण खेतों में काम करते समय समूह में लाठी-डंडे लेकर जाने की सलाह दी गई। फसल काटने से पहले मोबाइल के साथ टीना बजाने और शोरगुल करने से जंगली जानवर भाग जाते हैं। ग्रामीणों को जंगली जानवर दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करने को कहा गया। स्कूल आने-जाने के दौरान भी छात्र-छात्राओं को झाड़ियों के आसपास शोरगुल करते रहने की हिदायत दी गई। वन विभाग ने शौचालय, पंचायत भवन, स्कूल और रास्ते में आने वाली झाड़ियों की साफ-सफाई करने का भी निर्देश दिया। इस अवसर पर प्रधान जोगी शुक्ला, छोटू, बड़कऊ, सुरेश कुमार सहित कई शिक्षक और छात्र मौजूद रहे।
वन विभाग जंगल से सटे गांवों में कर रहा जागरूक:जंगली जानवरों से बचाव के लिए बताए जा रहे उपाय
वन विभाग की टीम जंगल से सटे गांवों में जंगली जानवरों से बचाव के लिए जन-जागरूकता अभियान चला रही है। वराहवा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी बीके सिंह ने हरैया सतघरवा के जंगल से सटे गांव लबी कोहल में ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि जंगल से सटे गन्ना और अरहर के खेतों में अक्सर तेंदुए, लकड़बग्घा और भेड़िया जैसे जंगली जानवर आ जाते हैं। गन्ना कटाई का समय होने के कारण खेतों में काम करते समय समूह में लाठी-डंडे लेकर जाने की सलाह दी गई। फसल काटने से पहले मोबाइल के साथ टीना बजाने और शोरगुल करने से जंगली जानवर भाग जाते हैं। ग्रामीणों को जंगली जानवर दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करने को कहा गया। स्कूल आने-जाने के दौरान भी छात्र-छात्राओं को झाड़ियों के आसपास शोरगुल करते रहने की हिदायत दी गई। वन विभाग ने शौचालय, पंचायत भवन, स्कूल और रास्ते में आने वाली झाड़ियों की साफ-सफाई करने का भी निर्देश दिया। इस अवसर पर प्रधान जोगी शुक्ला, छोटू, बड़कऊ, सुरेश कुमार सहित कई शिक्षक और छात्र मौजूद रहे।





































