ढेबरुआ चौराहा पर सावित्रीबाई फुले का जन्मदिन:शिक्षा-समाज में योगदान पर दर्जनों लोग सम्मानित

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बढ़नी ब्लॉक के ढेबरुआ चौराहा पर शनिवार देर शाम राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर शिक्षा और समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वाले दर्जनों लोगों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले सामाजिक चेतना मंच ढेबरुआ ने किया। उपस्थित लोगों ने सावित्रीबाई फुले और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्य अतिथि शिक्षिका अनुराधा भारती ने अपने संबोधन में सावित्रीबाई फुले को एक महान समाज सुधारिका और भारत की पहली महिला शिक्षिका बताया। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा की अलख जगाने और नारी सशक्तिकरण को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे समानता, न्याय और करुणा के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध थीं। भारती ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि समाज के लोगों को अपने अधिकारों के लिए शिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सावित्रीबाई फुले के संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने यह भी कहा कि बेटों के साथ बेटियों की शिक्षा भी उतनी ही जरूरी है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर देश और राष्ट्र की सेवा में योगदान दे सकें। इस अवसर पर राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले मंच ने कई गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया। इनमें सेवानिवृत्त शिक्षक कन्हैयालाल, सूर्यबली, रामदास, लोहर राम आर्य, जयप्रकाश विश्वकर्मा, मुस्तन शेरुल्लाह, पृथ्वी पाल और सोनी जी सहित कई अन्य लोग शामिल थे। कार्यक्रम में चेतना मंच के अध्यक्ष शत्रुघ्न, डॉ. मनोज, आशीष संगम, डॉ. रीतु गौतम, सुरेश, भीम प्रकाश, जगदीश, सुभाष, जयप्रकाश विश्वकर्मा, पृथ्वी पाल भारती, रामसूरत यादव, चंद्रिका, सोनी, समर पॉल, राजन, दिनेश सिंह, नपं चेयरमैन सुनील अग्रहरि, जुग्गी राम रही, अमन सिंह और चंद्र प्रकाश सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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