श्रावस्ती के जमुनहा ब्लॉक क्षेत्र में भकला नाला समय से पहले सूखने लगा है। यह नाला 5 से 6 गांवों से होकर बहता है, जिससे क्षेत्र के किसानों को सिंचाई में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कभी खेती के लिए जीवनरेखा माना जाने वाला यह नाला अब पानी की कमी से जूझ रहा है। भालूहिया गांव से निकलकर लक्ष्मणपुर, सेमराहनीया, सेहरिया, चंदन कोटिया, महदेवा और नासिरगंज होते हुए भगवानपुर में नदी में मिलने वाला यह नाला सैकड़ों बीघा खेतों की सिंचाई का प्रमुख स्रोत था। स्थानीय किसानों का कहना है कि नाले में पानी होने से सिंचाई आसानी से हो जाती थी, लेकिन अब उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि नाले के सूखने से केवल खेती ही नहीं, बल्कि जलीय जीवों का जीवन भी संकट में आ गया है। रामशंकर, प्रमोद कुमार, इसराइल, बहोरी लाल और जोगीराम जैसे स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस नाले पर निर्भर मवेशियों और जंगली जानवरों के लिए पीने के पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले इस नाले में साल भर पानी रहता था, जिससे पशु-पक्षी और जंगली जानवर अपनी प्यास बुझाते थे। हालांकि, गर्मी शुरू होने से पहले ही नाला सूख रहा है, जिससे आने वाले दिनों में काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने भकला नाले की सफाई कराने और जल संरक्षण की ठोस व्यवस्था करने का आग्रह किया है, ताकि किसानों, पशुओं और पर्यावरण को इस संकट से बचाया जा सके।









































