जब बहू-बेटियों ने पाया अपनी ताकत का एहसास:जमुनहा में महिलाओं को मिली संवैधानिक अधिकारों और आत्मरक्षा की जानकारी

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श्रावस्ती में मिशन शक्ति 5.0 के तहत एक बहू-बेटी सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सशक्त बनाना तथा उनके भीतर आत्मविश्वास जगाना था। आयोजन में शामिल महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा के महत्व से अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि जागरूकता और साहस से भी आत्मरक्षा संभव है। प्रतिभागियों को उनके संवैधानिक अधिकारों, विभिन्न सरकारी योजनाओं, शिक्षा के महत्व और आत्मनिर्भरता के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसका लक्ष्य उन्हें सामाजिक बंधनों से ऊपर उठकर अपने भविष्य का निर्माण करने में सक्षम बनाना था। सम्मेलन में घरेलू हिंसा, साइबर अपराध और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के उपायों पर भी चर्चा हुई। महिलाओं को हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई, ताकि वे अन्याय के खिलाफ आवाज उठा सकें। किशोरियों के लिए यह सम्मेलन विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा। उन्हें बाल विवाह, दहेज प्रथा और गुड टच-बैड टच जैसे संवेदनशील विषयों पर शिक्षित किया गया। आत्मसम्मान, शिक्षा और आत्मरक्षा को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताया गया। इस बहू-बेटी सम्मेलन ने यह संदेश दिया कि सही मार्गदर्शन और सहयोग से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। सशक्त महिलाएँ ही सशक्त परिवार और सशक्त समाज की नींव होती हैं।

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