निचलौल ग्राम सभा बिसोखोर स्थित श्यामा देवी सरस्वती विद्या मंदिर में एक विशाल हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन गरिमामय, अनुशासित और राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुष उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य जिला प्रचारक विनय भी मौजूद थे। कार्यक्रम का शुभारम्भ गणेश वंदना और महाभारत के दृश्य गीत के साथ हुआ। इसके बाद राजीव नयन ने मां भारती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर औपचारिक शुरुआत की। मुख्य वक्ता और मंचासीन अतिथियों का स्वागत पुष्पवर्षा, शंखनाद और तिलक लगाकर किया गया। मुख्य वक्ता विभाग प्रचारक विजय ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन धर्म सम्पूर्ण विश्व के कल्याण की कामना करता है। उन्होंने ‘अहिंसा परमो धर्मः’ के सिद्धांत पर जोर देते हुए बताया कि हिंदू धर्म के लोग चींटियों तक की जान बचाने का प्रयास करते हैं। विजय ने यह भी उल्लेख किया कि अन्य धर्मों के प्रारंभ की तिथि ज्ञात है, लेकिन सनातन धर्म अनंत है और इसकी शुरुआत की कोई निश्चित तिथि नहीं है। उन्होंने संत कबीर, संत रविदास और स्वामी वल्लभाचार्य जैसे संतों को सनातन धर्म की रक्षा के लिए जन्मा बताया। विजय ने बांग्लादेश में हिन्दुओं की अकारण हो रही हत्याओं को एक गंभीर और चिंतनीय विषय बताया। उन्होंने इस मुद्दे पर सभी को जागरूक होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक कोने में हिन्दू सम्मेलन आयोजित हो रहे हैं और हिन्दू समाज के संगठित होने से ही राष्ट्र एवं विश्व का कल्याण संभव है। उन्होंने छल करने वालों की पहचान करने और हिन्दुओं के साथ हो रही ज्यादती व हत्या जैसे मामलों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर प्रमोद मिश्रा, संजय वर्मा, ओमप्रकाश, सर्वजीत पटेल, भोली गुप्ता, चंचल मिश्रा, रामसमुझ प्रजापति, कोमल भारती, रामू यादव, कृष्णा दुबे, राजेश तिवारी, महंत बालक दास, जयकरण पटेल, नरसिंह सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष उपस्थित थे।
निचलौल में विशाल हिन्दू सम्मेलन आयोजित: बांग्लादेश में हिन्दुओं की हत्या पर चिंता व्यक्त, विश्व कल्याण पर जोर – Sabaya(Nichlaul) News
निचलौल ग्राम सभा बिसोखोर स्थित श्यामा देवी सरस्वती विद्या मंदिर में एक विशाल हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन गरिमामय, अनुशासित और राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुष उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य जिला प्रचारक विनय भी मौजूद थे। कार्यक्रम का शुभारम्भ गणेश वंदना और महाभारत के दृश्य गीत के साथ हुआ। इसके बाद राजीव नयन ने मां भारती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर औपचारिक शुरुआत की। मुख्य वक्ता और मंचासीन अतिथियों का स्वागत पुष्पवर्षा, शंखनाद और तिलक लगाकर किया गया। मुख्य वक्ता विभाग प्रचारक विजय ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन धर्म सम्पूर्ण विश्व के कल्याण की कामना करता है। उन्होंने ‘अहिंसा परमो धर्मः’ के सिद्धांत पर जोर देते हुए बताया कि हिंदू धर्म के लोग चींटियों तक की जान बचाने का प्रयास करते हैं। विजय ने यह भी उल्लेख किया कि अन्य धर्मों के प्रारंभ की तिथि ज्ञात है, लेकिन सनातन धर्म अनंत है और इसकी शुरुआत की कोई निश्चित तिथि नहीं है। उन्होंने संत कबीर, संत रविदास और स्वामी वल्लभाचार्य जैसे संतों को सनातन धर्म की रक्षा के लिए जन्मा बताया। विजय ने बांग्लादेश में हिन्दुओं की अकारण हो रही हत्याओं को एक गंभीर और चिंतनीय विषय बताया। उन्होंने इस मुद्दे पर सभी को जागरूक होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक कोने में हिन्दू सम्मेलन आयोजित हो रहे हैं और हिन्दू समाज के संगठित होने से ही राष्ट्र एवं विश्व का कल्याण संभव है। उन्होंने छल करने वालों की पहचान करने और हिन्दुओं के साथ हो रही ज्यादती व हत्या जैसे मामलों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर प्रमोद मिश्रा, संजय वर्मा, ओमप्रकाश, सर्वजीत पटेल, भोली गुप्ता, चंचल मिश्रा, रामसमुझ प्रजापति, कोमल भारती, रामू यादव, कृष्णा दुबे, राजेश तिवारी, महंत बालक दास, जयकरण पटेल, नरसिंह सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष उपस्थित थे।









































