बहराइच जनपद के तराई क्षेत्र में भेड़ियों का आतंक लगातार जारी है। बीते तीन महीनों में कई लोगों पर हमले और घायल होने की घटनाओं से ग्रामीण चिंतित हैं। वन विभाग की सक्रियता के बावजूद भेड़िए रुक-रुक कर हमले कर रहे हैं। अब तक की कार्रवाई में तीन से चार भेड़ियों की मौत हो चुकी है, लेकिन हमलों का सिलसिला थमा नहीं है। इस अभियान का नेतृत्व डीएफओ राम सिंह यादव कर रहे हैं। कैसरगंज रेंजर ओंकार यादव के निर्देशन में टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं। तराई के संवेदनशील इलाकों को चार सेक्टरों में बांटा गया है, जहां दिन और रात की ड्यूटी लगाई गई है। इन टीमों का मुख्य कार्य ग्रामीणों को भेड़ियों से बचाव के तरीके और सुरक्षा उपाय बताना है। इसी कड़ी में रात महसी तहसील के सेक्टर-2 में दरोगा श्रीकांत द्विवेदी के नेतृत्व में एक टीम ने भेड़िया प्रभावित गांवों का दौरा किया। टीम में रामकिशोर यादव, बालकराम यादव, वसीम अहमद और रामदास शामिल थे। रात करीब 11 बजे सिपहिया, हुलास, चारीगाह, समदा, सांगवा और घूरहरिपुर जैसे गांवों का दौरा किया गया। टीम ने खेतों में फसल की रखवाली कर रहे किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी। कई स्थानों पर गोला-तमाशा दागकर भेड़ियों को दूर भगाने का प्रयास भी किया गया। वन विभाग का यह ऑपरेशन लगातार जारी है, लेकिन भेड़ियों के हमलों का सिलसिला अभी भी थमा नहीं है। विभागीय टीमें दिन-रात गश्त कर रही हैं और ग्रामीणों को जागरूक कर रही हैं, फिर भी हमले की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक भेड़ियों को पूरी तरह पकड़ा नहीं जाता, तब तक दहशत समाप्त नहीं होगी।
बहराइच तराई में भेड़ियों का आतंक जारी: तीन महीने से वन विभाग का ऑपरेशन जारी, टीम रात-दिन सक्रिय – Baundi(Kaisarganj) News
बहराइच जनपद के तराई क्षेत्र में भेड़ियों का आतंक लगातार जारी है। बीते तीन महीनों में कई लोगों पर हमले और घायल होने की घटनाओं से ग्रामीण चिंतित हैं। वन विभाग की सक्रियता के बावजूद भेड़िए रुक-रुक कर हमले कर रहे हैं। अब तक की कार्रवाई में तीन से चार भेड़ियों की मौत हो चुकी है, लेकिन हमलों का सिलसिला थमा नहीं है। इस अभियान का नेतृत्व डीएफओ राम सिंह यादव कर रहे हैं। कैसरगंज रेंजर ओंकार यादव के निर्देशन में टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं। तराई के संवेदनशील इलाकों को चार सेक्टरों में बांटा गया है, जहां दिन और रात की ड्यूटी लगाई गई है। इन टीमों का मुख्य कार्य ग्रामीणों को भेड़ियों से बचाव के तरीके और सुरक्षा उपाय बताना है। इसी कड़ी में रात महसी तहसील के सेक्टर-2 में दरोगा श्रीकांत द्विवेदी के नेतृत्व में एक टीम ने भेड़िया प्रभावित गांवों का दौरा किया। टीम में रामकिशोर यादव, बालकराम यादव, वसीम अहमद और रामदास शामिल थे। रात करीब 11 बजे सिपहिया, हुलास, चारीगाह, समदा, सांगवा और घूरहरिपुर जैसे गांवों का दौरा किया गया। टीम ने खेतों में फसल की रखवाली कर रहे किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी। कई स्थानों पर गोला-तमाशा दागकर भेड़ियों को दूर भगाने का प्रयास भी किया गया। वन विभाग का यह ऑपरेशन लगातार जारी है, लेकिन भेड़ियों के हमलों का सिलसिला अभी भी थमा नहीं है। विभागीय टीमें दिन-रात गश्त कर रही हैं और ग्रामीणों को जागरूक कर रही हैं, फिर भी हमले की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक भेड़ियों को पूरी तरह पकड़ा नहीं जाता, तब तक दहशत समाप्त नहीं होगी।









































