सोमवार को ठूठीबारी में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा आयोजित 21 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में 30 महिलाओं ने प्रशिक्षण पूरा कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया। एसएसबी सीमावर्ती क्षेत्रों में युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास कार्यक्रम चला रहा है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। इसी कार्यक्रम के तहत 11 किसानों को कृषि यंत्र भी वितरित किए गए, जिससे उनकी खेती-किसानी को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम का आयोजन ठूठीबारी के शिशु मंदिर प्रांगण में हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के स्वागत में स्वागत गान प्रस्तुत किया गया और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इस दौरान एसएसबी के कमांडेंट शक्ति सिंह ठाकुर, द्वितीय कमान अधिकारी नरेंद्र, सहायक कमांडेंट मयंक, बीओपी इंचार्ज शिवपूजन, कोतवाली एसआई दिव्य प्रकाश मौर्य, लालचंद वर्मा और व्यापारी भवन गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इन कार्यक्रमों का लक्ष्य प्रशिक्षण और संसाधनों के उचित उपयोग के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास करना और स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है।
30 महिलाओं ने 21 दिन का सिलाई प्रशिक्षण पूरा किया: एसएसबी ने ठूठीबारी में कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किया, कृषि यंत्र भी बांटे – Thuthibari(Nichlaul) News
सोमवार को ठूठीबारी में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा आयोजित 21 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में 30 महिलाओं ने प्रशिक्षण पूरा कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया। एसएसबी सीमावर्ती क्षेत्रों में युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास कार्यक्रम चला रहा है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। इसी कार्यक्रम के तहत 11 किसानों को कृषि यंत्र भी वितरित किए गए, जिससे उनकी खेती-किसानी को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम का आयोजन ठूठीबारी के शिशु मंदिर प्रांगण में हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के स्वागत में स्वागत गान प्रस्तुत किया गया और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इस दौरान एसएसबी के कमांडेंट शक्ति सिंह ठाकुर, द्वितीय कमान अधिकारी नरेंद्र, सहायक कमांडेंट मयंक, बीओपी इंचार्ज शिवपूजन, कोतवाली एसआई दिव्य प्रकाश मौर्य, लालचंद वर्मा और व्यापारी भवन गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इन कार्यक्रमों का लक्ष्य प्रशिक्षण और संसाधनों के उचित उपयोग के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास करना और स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है।






































