सोमवार को हर्रैया तहसील परिसर में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने पुष्टाहार वितरण से जुड़ी समस्याओं को लेकर प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायतें रखीं। महिलाओं का आरोप है कि उन्हें अक्टूबर 2022 के बाद से न तो माल ढुलाई भाड़ा मिला है और न ही प्रतिमाह देय मानदेय का भुगतान किया गया है। महिलाओं ने बताया कि वे कई वर्षों से शासन द्वारा चयनित समूह के अंतर्गत पुष्टाहार वितरण का कार्य कर रही हैं। स्थानीय स्तर पर सीडीओ कार्यालय से आवंटित समूहों को पुष्टाहार न देकर कई बार सीधे आंगनबाड़ी केंद्रों को दे दिया जाता है। जब समूहों को पुष्टाहार प्राप्त होता है, तो उसमें निर्धारित मात्रा से कम सामग्री दी जाती है। समूह की महिलाओं का कहना है कि इस अनियमितता से गांवों में वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है और उन्हें लाभार्थियों के आक्रोश का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने यह भी बताया कि वे 11 दिसंबर 2023 को खंड विकास अधिकारी हर्रैया से मिलकर अपनी समस्याएं रख चुकी थीं, जहां से एक सप्ताह के भीतर माल ढुलाई भाड़ा भुगतान का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। महिलाओं ने जिलाधिकारी बस्ती को संबोधित एक ज्ञापन सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने, लंबित मानदेय व माल ढुलाई भाड़ा का भुगतान सुनिश्चित करने तथा पूर्ण मात्रा में पुष्टाहार उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में प्रार्थनी मंजू मिश्रा, शबनम बानो, सुमित्रा देवी, मुद्रा देवी, आरती, अनीता देवी, सुषमा तिवारी, उर्मिला सहित अन्य समूह की महिलाओं ने हिस्सा लिया।









































