बस्ती में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत एक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान थाना एएचटीयू पुलिस और बाल संरक्षण इकाई की टीम द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। टीम ने शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों जैसे मैरेज हॉल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और भद्रेश्वर नाथ मंदिर सहित भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। अभियान के दौरान, पुलिस और बाल संरक्षण इकाई की टीम ने नागरिकों से अपील की कि वे बच्चों का बाल्यकाल में विवाह न करें और न ही इस सामाजिक कुप्रथा को बढ़ावा दें। टीम ने बताया कि बाल विवाह न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षिक विकास में भी बाधा डालता है। इस अवसर पर, टीम के सदस्यों ने लोगों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस या बाल संरक्षण इकाई को सूचित किया जाना चाहिए, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों ने जोर दिया कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता से ही बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है। अभियान के समापन पर, उपस्थित लोगों ने बाल विवाह के विरोध में जागरूक रहने और दूसरों को भी इसके प्रति सचेत करने का संकल्प लिया।









































