विद्युत संविदा मजदूर संगठन, उत्तर प्रदेश की इकाई तुलसीपुर ने अपनी लंबित मांगों और विभागीय समस्याओं को लेकर अधीक्षण अभियंता को एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन की केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर 6 जनवरी 2026 को पूरे प्रदेश के साथ-साथ जनपद में भी एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण की कार्यवाही और संविदा कर्मियों के शोषण के खिलाफ है। पदाधिकारियों ने कहा कि विभाग और सरकार को संविदा कर्मियों के हितों की रक्षा करनी होगी। ज्ञापन में 12 सूत्रीय मांगें शामिल हैं। इनमें निजीकरण पर तत्काल रोक, श्रमिकों को न्यूनतम ₹22,000 और लाइनमैन/एस.एस.ओ./कंप्यूटर ऑपरेटर को ₹25,000 वेतन, तथा संविदा कर्मियों का भुगतान सीधे विभाग द्वारा किए जाने की मांग प्रमुख है। वेतन बढ़ाने की मांग की अन्य मांगों में हटाए गए संविदा कर्मियों की वापसी, छंटनी पर रोक, सेवा काल में मृत्यु होने पर आश्रितों को 20 लाख रुपये का बीमा कवर और कैशलेस चिकित्सा सुविधा व ईपीएफ समस्याओं का निस्तारण शामिल है। ज्ञापन सौंपते समय जिला अध्यक्ष विष्णु सिंह, उपाध्यक्ष देवेंद्र यादव, महामंत्री दयाशंकर, मीडिया प्रभारी अनिल कुमार श्रीवास्तव, सह संगठन मंत्री रवि सिंह ‘भवानी’ सहित कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। संगठन ने चेतावनी दी है कि 6 जनवरी, मंगलवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में एक दिवसीय सत्याग्रह किया जाएगा। यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज करने की बात कही गई है।
वेतन बढ़ाने को लेकर बिजली संविदा कर्मियों का प्रदर्शन:तुलसीपुर में 12 सूत्रीय मांग रखी, बड़े आंदोलन की चेतावनी
विद्युत संविदा मजदूर संगठन, उत्तर प्रदेश की इकाई तुलसीपुर ने अपनी लंबित मांगों और विभागीय समस्याओं को लेकर अधीक्षण अभियंता को एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन की केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर 6 जनवरी 2026 को पूरे प्रदेश के साथ-साथ जनपद में भी एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण की कार्यवाही और संविदा कर्मियों के शोषण के खिलाफ है। पदाधिकारियों ने कहा कि विभाग और सरकार को संविदा कर्मियों के हितों की रक्षा करनी होगी। ज्ञापन में 12 सूत्रीय मांगें शामिल हैं। इनमें निजीकरण पर तत्काल रोक, श्रमिकों को न्यूनतम ₹22,000 और लाइनमैन/एस.एस.ओ./कंप्यूटर ऑपरेटर को ₹25,000 वेतन, तथा संविदा कर्मियों का भुगतान सीधे विभाग द्वारा किए जाने की मांग प्रमुख है। वेतन बढ़ाने की मांग की अन्य मांगों में हटाए गए संविदा कर्मियों की वापसी, छंटनी पर रोक, सेवा काल में मृत्यु होने पर आश्रितों को 20 लाख रुपये का बीमा कवर और कैशलेस चिकित्सा सुविधा व ईपीएफ समस्याओं का निस्तारण शामिल है। ज्ञापन सौंपते समय जिला अध्यक्ष विष्णु सिंह, उपाध्यक्ष देवेंद्र यादव, महामंत्री दयाशंकर, मीडिया प्रभारी अनिल कुमार श्रीवास्तव, सह संगठन मंत्री रवि सिंह ‘भवानी’ सहित कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। संगठन ने चेतावनी दी है कि 6 जनवरी, मंगलवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में एक दिवसीय सत्याग्रह किया जाएगा। यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज करने की बात कही गई है।









































