कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के सुजौली रेंज में बकरियों का शिकार करने वाला एक तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया है। वन विभाग ने सोमवार शाम को पिंजरा लगाया था और तेंदुआ पांच मिनट के भीतर ही उसमें फंस गया। इस घटना से ग्रामीणों और वन विभाग ने राहत की सांस ली है। यह तेंदुआ रविवार रात सुजौली गांव में सोतिया नाला के पास मनीष मौर्य के बकरी पालन बाड़े में घुस गया था। उसने एक दर्जन से अधिक बकरियों को मार डाला और आधा दर्जन से ज्यादा बकरियों को घायल कर दिया था। बकरियों पर हमले की सूचना मिलने के बाद, सोमवार शाम 7 बजे सुजौली वनक्षेत्राधिकारी रोहित कुमार के नेतृत्व में वन दारोगा अनिल कुमार और उनकी टीम ने घटनास्थल पर पिंजरा लगाया। पिंजरा लगाते ही कुछ ही मिनटों में तेंदुआ उसमें कैद हो गया। पिंजरे में कैद होने के बाद तेंदुए को सुजौली रेंज कार्यालय ले जाया गया है। सुजौली वनक्षेत्राधिकारी रोहित कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह तेंदुआ मादा लग रही है और उसकी उम्र लगभग 3 वर्ष है। उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद उसे जंगल में छोड़ा जाएगा।
बकरियों का शिकार करने वाला तेंदुआ पिंजरे में कैद: कतर्नियाघाट में पिंजरा लगाते ही पांच मिनट में फंसा, जंगल में छोड़ने की तैयारी – Mihinpurwa Motipur News
कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के सुजौली रेंज में बकरियों का शिकार करने वाला एक तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया है। वन विभाग ने सोमवार शाम को पिंजरा लगाया था और तेंदुआ पांच मिनट के भीतर ही उसमें फंस गया। इस घटना से ग्रामीणों और वन विभाग ने राहत की सांस ली है। यह तेंदुआ रविवार रात सुजौली गांव में सोतिया नाला के पास मनीष मौर्य के बकरी पालन बाड़े में घुस गया था। उसने एक दर्जन से अधिक बकरियों को मार डाला और आधा दर्जन से ज्यादा बकरियों को घायल कर दिया था। बकरियों पर हमले की सूचना मिलने के बाद, सोमवार शाम 7 बजे सुजौली वनक्षेत्राधिकारी रोहित कुमार के नेतृत्व में वन दारोगा अनिल कुमार और उनकी टीम ने घटनास्थल पर पिंजरा लगाया। पिंजरा लगाते ही कुछ ही मिनटों में तेंदुआ उसमें कैद हो गया। पिंजरे में कैद होने के बाद तेंदुए को सुजौली रेंज कार्यालय ले जाया गया है। सुजौली वनक्षेत्राधिकारी रोहित कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह तेंदुआ मादा लग रही है और उसकी उम्र लगभग 3 वर्ष है। उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद उसे जंगल में छोड़ा जाएगा।





































