डुमरियागंज नगर पंचायत स्थित कान्हा गौशाला का जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने रविवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एक पशु चिकित्सक की लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने उसका वेतन रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से भी इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। निरीक्षण के समय गौशाला में कुल 105 गौवंश संरक्षित पाए गए। जिलाधिकारी ने स्टॉक रजिस्टर और डॉक्टर/अधिकारी निरीक्षण रजिस्टर की गहनता से जांच की। रजिस्टर के अवलोकन के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित पशु चिकित्सक द्वारा गौवंश का नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा था। इस घोर लापरवाही पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पशु चिकित्सा अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि गौवंश का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने गौवंश को अपने हाथों से गुड़ और केला भी खिलाया। उन्होंने निर्देशित किया कि गौवंश के लिए हरे चारे, भूसा और पोषाहार की समुचित व्यवस्था बनी रहे। बढ़ती ठंड को देखते हुए गौशाला में पशुओं को ठंड से बचाने के लिए विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गौवंश के संरक्षण में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लापरवाह पशु चिकित्सक का वेतन रोका:जिलाधिकारी ने गौशाला का किया औचक निरीक्षण
डुमरियागंज नगर पंचायत स्थित कान्हा गौशाला का जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने रविवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एक पशु चिकित्सक की लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने उसका वेतन रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से भी इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। निरीक्षण के समय गौशाला में कुल 105 गौवंश संरक्षित पाए गए। जिलाधिकारी ने स्टॉक रजिस्टर और डॉक्टर/अधिकारी निरीक्षण रजिस्टर की गहनता से जांच की। रजिस्टर के अवलोकन के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित पशु चिकित्सक द्वारा गौवंश का नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा था। इस घोर लापरवाही पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पशु चिकित्सा अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि गौवंश का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने गौवंश को अपने हाथों से गुड़ और केला भी खिलाया। उन्होंने निर्देशित किया कि गौवंश के लिए हरे चारे, भूसा और पोषाहार की समुचित व्यवस्था बनी रहे। बढ़ती ठंड को देखते हुए गौशाला में पशुओं को ठंड से बचाने के लिए विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गौवंश के संरक्षण में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।









































