नानपारा में भागवत कथा में ध्रुव, प्रह्लाद चरित्र का वर्णन: कथावाचक ने नरसिंह अवतार पर प्रकाश डाला – Nanpara Dehati(Nanpara) News

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नगर के जुबलीगंज स्थित में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक रविशंकर महाराज ने ध्रुव चरित्र, प्रह्लाद चरित्र और नरसिंह अवतार सहित अन्य अवतरों का वर्णन किया। उन्होंने राजा परीक्षित व सुखदेव के जन्म का भी विस्तार से वर्णन किया। कथा के दौरान, कथावाचक गुरुभाई ने राजा परीक्षित से जुड़ी एक महत्वपूर्ण कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि एक बार राजा परीक्षित वनों में काफी दूर चले गए और उन्हें प्यास लगी। वे पास के शमीक ऋषि के आश्रम पहुँचे और पानी माँगा। ऋषि समाधि में लीन थे, इसलिए वे पानी नहीं पिला सके। इसे अपना अपमान मानकर, परीक्षित ने पास पड़ा एक मृत सर्प उठाकर ऋषि के गले में डाल दिया। जब ऋषि के पुत्र को यह सूचना मिली, तो उन्होंने क्रोधित होकर राजा परीक्षित को शाप दिया कि जिसने उनके पिता का अपमान किया है, उसे आज से सातवें दिन तक्षक नामक सर्प जलाकर भस्म कर देगा। शमीक ऋषि को जब इस घटना का पता चला, तो उन्होंने अपनी दिव्य दृष्टि से देखकर यह सूचना परीक्षित महाराज तक पहुँचाई। यह सुनकर परीक्षित दुखी नहीं हुए और अपना राज्य पुत्र जन्मेजय को सौंपकर गंगा नदी के तट पर चले गए। श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन बड़ी संख्या में महिला व पुरुष कथा सुनने पहुँचे। इस अवसर पर आयोजक राजेंद्र मित्तल, सुनीता मित्तल, अंकित मित्तल, अभिनव मित्तल, गीतिका मित्तल, नेहा मित्तल, अमित सिंघल, निखिल गोयल, शिवानी गोयल, अमर अग्रवाल, डाली अग्रवाल, अशोक मित्तल, सुरेंद्र मित्तल, अशोक शुक्ल, विवेक रस्तोगी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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