महराजगंज के नौतनवा विधानसभा क्षेत्र के चकदह में कांग्रेस द्वारा ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस दौरान नेताओं ने नए मनरेगा कानून का विरोध करते हुए इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक बताया। यह अभियान जिला पंचायत के घोषित उम्मीदवार शमशाद आलम द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष विजय सिंह एडवोकेट ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा थी। उन्होंने आशंका जताई कि इसके समाप्त होने से गांवों से पलायन बढ़ेगा और बेरोजगारों की संख्या में वृद्धि होगी। एडवोकेट सिंह ने नए मनरेगा कानून को रोजगार की गारंटी नहीं देने वाली, बल्कि इसे समाप्त करने की एक सुनियोजित योजना बताया। पूर्व प्रदेश महासचिव त्रिभुवन मिश्रा ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में उद्योगपतियों का बोलबाला है और हर योजना उनके अनुसार बन रही है। उन्होंने कहा कि गरीबों को प्रताड़ित करने का काम किया जा रहा है। पूर्व जिला अध्यक्ष झिनकू चौधरी ने नौतनवा विधानसभा क्षेत्र के विकास में मनरेगा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि मनरेगा से रोजगार घटेगा, तो यहां के नौजवान दिल्ली, पंजाब और गुजरात जैसे शहरों में पलायन करने को मजबूर होंगे। चौधरी ने सभी कांग्रेस नेताओं से नए मनरेगा कानून का विरोध करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव केसी पांडे ने किया, जबकि इसकी अध्यक्षता जिला कोषाध्यक्ष और मनरेगा प्रभारी कपिल देव शुक्ल ने की। इस अवसर पर अल्पसंख्यक विभाग अध्यक्ष निहाली राखी, पूर्व प्रधान शमशाद आलम खान, न्याय पंचायत अध्यक्ष रफीउल्लाह खान, रामकृपाल उपाध्याय, डॉ. अबरार अहमद, राजेंद्र प्रसाद और जमील अहमद शाहिद सहित बड़ी संख्या में स्त्री-पुरुष उपस्थित रहे।
कांग्रेस ने मनरेगा बचाओ संग्राम का आयोजन किया: नए कानून से ग्रामीण पलायन बढ़ने, बेरोजगारी बढ़ने का आरोप – Nautanwa News
महराजगंज के नौतनवा विधानसभा क्षेत्र के चकदह में कांग्रेस द्वारा ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस दौरान नेताओं ने नए मनरेगा कानून का विरोध करते हुए इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक बताया। यह अभियान जिला पंचायत के घोषित उम्मीदवार शमशाद आलम द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष विजय सिंह एडवोकेट ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा थी। उन्होंने आशंका जताई कि इसके समाप्त होने से गांवों से पलायन बढ़ेगा और बेरोजगारों की संख्या में वृद्धि होगी। एडवोकेट सिंह ने नए मनरेगा कानून को रोजगार की गारंटी नहीं देने वाली, बल्कि इसे समाप्त करने की एक सुनियोजित योजना बताया। पूर्व प्रदेश महासचिव त्रिभुवन मिश्रा ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में उद्योगपतियों का बोलबाला है और हर योजना उनके अनुसार बन रही है। उन्होंने कहा कि गरीबों को प्रताड़ित करने का काम किया जा रहा है। पूर्व जिला अध्यक्ष झिनकू चौधरी ने नौतनवा विधानसभा क्षेत्र के विकास में मनरेगा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि मनरेगा से रोजगार घटेगा, तो यहां के नौजवान दिल्ली, पंजाब और गुजरात जैसे शहरों में पलायन करने को मजबूर होंगे। चौधरी ने सभी कांग्रेस नेताओं से नए मनरेगा कानून का विरोध करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव केसी पांडे ने किया, जबकि इसकी अध्यक्षता जिला कोषाध्यक्ष और मनरेगा प्रभारी कपिल देव शुक्ल ने की। इस अवसर पर अल्पसंख्यक विभाग अध्यक्ष निहाली राखी, पूर्व प्रधान शमशाद आलम खान, न्याय पंचायत अध्यक्ष रफीउल्लाह खान, रामकृपाल उपाध्याय, डॉ. अबरार अहमद, राजेंद्र प्रसाद और जमील अहमद शाहिद सहित बड़ी संख्या में स्त्री-पुरुष उपस्थित रहे।





































