
श्रावस्ती जिले के मल्हीपुर थाना क्षेत्र के सेमरहनिया गांव में बुधवार को होली के दिन राप्ती नदी में नहाने गए चार बच्चे डूब गए। इनमें से तीन बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि एक आठ वर्षीय बच्ची अभी भी लापता है।पुलिस और एनडीआरएफ की टीम लापता बच्ची की तलाश में दूसरे दिन भी जुटी हुई है। सेमरहनिया गांव के चार बच्चे कुमकुम (8) पुत्री मनीष, उर्मिला (10 ), पुत्री शेर बाबू, अंशिका (9) पुत्री खिलाड़ी और लक्ष्मण (11) पुत्र शेर बाबू होलिका दहन की राख बुझाने के बाद पास में बह रही राप्ती नदी में नहाने चले गए थे। नहाने के दौरान चारों बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। मौके पर मौजूद घटवार मंगली और महेश कुमार ने बच्चों को डूबते देखा। उन्होंने तुरंत नदी में छलांग लगाकर बहादुरी से तीन बच्चों को बाहर निकाल लिया। सभी बच्चों को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल भिनगा भेजा गया, जहां उनका उपचार किया गया। लेकिन चौथी बच्ची को गहराई में जाने से नहीं बचाया जा सका। वहीं, आज दूसरे दिन भी कुमकुम का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है।पुलिस और एनडीआरएफ टीम नदी में लगातार सर्च अभियान चला रही है। बच्ची के लापता होने से परिवार और गांव के लोगों में चिंता का माहौल है। कुमकुम के पिता मनीष हरियाणा में मजदूरी करते हैं। परिवार में कुमकुम के दो भाई आलोक (12) और एक छोटा भाई जिसकी उम्र लगभग एक वर्ष है। कुमकुम घर पर अपने दादा छबीले के साथ रहती थी। कुमकुम के दादा छबीले ने बताया कि गांव के बच्चे होलिका दहन की राख बुझाने गए थे और कुमकुम भी परिवार को लगा कि होलिका दहन स्थल के पास ही है, लेकिन वह अन्य बच्चों के साथ नदी किनारे नहाने चली गई। बच्चे को सुरक्षित बचाने वाले जमुनहा बाजार बांसगढ़ी के निवासी महेश कुमार ने बताया कि काफी बच्चे नहाने आए थे, जिनमें से दो को नाव चलाने वाले ने बचाया था एक को हमने बचाया। बच्चे लक्ष्मण ने बताया कि मेरी बहन उर्मिला पानी में डूबने लगी तो मैं भी बचाने के लिए कूद गया












































