शोहरतगढ़ क्षेत्र में मौलवी महादेवा को शोहरतगढ़-खुनुवा मार्ग से जोड़ने वाली सड़क की हालत बेहद खराब है। जगह-जगह गहरे गड्ढे और उखड़ी परत के कारण ग्रामीण हर दिन जोखिम भरी यात्रा करने को मजबूर हैं। बरसात में कीचड़ और अन्य समय में धूल इस रास्ते को दुर्घटनाओं का कारण बना रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह मार्ग पूरे क्षेत्र के लिए आवागमन का मुख्य साधन है, लेकिन इसकी स्थिति इतनी खराब है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामवासियों अनिल सरोज, सिराज अहमद, रऊब अली, अताउल्लाह, अशोक पासवान, सुनील पासवान, फूलचंद गुप्ता और कनहैया गुप्ता ने बताया कि सड़क वर्षों से मरम्मत का इंतजार कर रही है। दिन में उड़ने वाली धूल और रात में अंधेरा, दोनों ही समय हादसों का खतरा बना रहता है। कई बाइक सवार और पैदल यात्री पहले ही चोटिल हो चुके हैं, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ग्राम प्रधान रम्मिलन चौधरी ने जानकारी दी कि उन्होंने सड़क की मरम्मत के लिए अधिकारियों को कई बार लिखित आवेदन दिए हैं। लगभग छह महीने पहले सांसद के लेटर पैड के साथ भी एक आवेदन भेजा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। चौधरी के अनुसार, उन्हें केवल आश्वासन मिलते हैं, लेकिन काम कब शुरू होगा, इसका कोई जवाब नहीं मिलता। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि सड़क की मरम्मत को तत्काल प्राथमिकता दी जाए और इसे दोबारा मजबूत बनाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव से पहले नेता विकास के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यदि इसी तरह अनदेखी जारी रही, तो आने वाले महीनों में यह मार्ग पूरी तरह से अनुपयोगी हो सकता है। क्षेत्रवासी उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द इस महत्वपूर्ण मार्ग की मरम्मत का काम शुरू कराएगा।
शोहरतगढ़ में मौलवी महादेवा सड़क जर्जर:ग्रामीण जोखिम उठाकर यात्रा को मजबूर, मरम्मत का इंतजार
शोहरतगढ़ क्षेत्र में मौलवी महादेवा को शोहरतगढ़-खुनुवा मार्ग से जोड़ने वाली सड़क की हालत बेहद खराब है। जगह-जगह गहरे गड्ढे और उखड़ी परत के कारण ग्रामीण हर दिन जोखिम भरी यात्रा करने को मजबूर हैं। बरसात में कीचड़ और अन्य समय में धूल इस रास्ते को दुर्घटनाओं का कारण बना रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह मार्ग पूरे क्षेत्र के लिए आवागमन का मुख्य साधन है, लेकिन इसकी स्थिति इतनी खराब है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामवासियों अनिल सरोज, सिराज अहमद, रऊब अली, अताउल्लाह, अशोक पासवान, सुनील पासवान, फूलचंद गुप्ता और कनहैया गुप्ता ने बताया कि सड़क वर्षों से मरम्मत का इंतजार कर रही है। दिन में उड़ने वाली धूल और रात में अंधेरा, दोनों ही समय हादसों का खतरा बना रहता है। कई बाइक सवार और पैदल यात्री पहले ही चोटिल हो चुके हैं, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ग्राम प्रधान रम्मिलन चौधरी ने जानकारी दी कि उन्होंने सड़क की मरम्मत के लिए अधिकारियों को कई बार लिखित आवेदन दिए हैं। लगभग छह महीने पहले सांसद के लेटर पैड के साथ भी एक आवेदन भेजा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। चौधरी के अनुसार, उन्हें केवल आश्वासन मिलते हैं, लेकिन काम कब शुरू होगा, इसका कोई जवाब नहीं मिलता। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि सड़क की मरम्मत को तत्काल प्राथमिकता दी जाए और इसे दोबारा मजबूत बनाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव से पहले नेता विकास के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यदि इसी तरह अनदेखी जारी रही, तो आने वाले महीनों में यह मार्ग पूरी तरह से अनुपयोगी हो सकता है। क्षेत्रवासी उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द इस महत्वपूर्ण मार्ग की मरम्मत का काम शुरू कराएगा।








































