बलरामपुर NH-330 पर बस-कंटेनर भिड़ंत का मामला:बिजली के खंभे से टकराई थी बस, शिफ्टिंग प्रस्ताव लंबित

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बलरामपुर के गोंडा मार्ग (एनएच-330) पर सोमवार देर रात एक बड़ा हादसा हुआ। नेपाली यात्रियों से भरी एक बस और कंटेनर की भिड़ंत के बाद बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े बिजली के खंभे से जा टकराई। इस दुर्घटना में तीन यात्रियों की मौत हो गई और 24 अन्य घायल हुए। टक्कर के बाद बस हाई-टेंशन लाइन की चपेट में आ गई। हालांकि, सौभाग्य से उस समय लाइन में ब्रेकडाउन था, जिससे बिजली का प्रवाह रुका हुआ था। यदि ऐसा न होता तो जनहानि कहीं अधिक हो सकती थी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क किनारे खतरनाक स्थिति में खड़े बिजली के खंभों को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही थीं। लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण इन शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बिजली विभाग ने इन खंभों को स्थानांतरित करने की मांग की थी, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) विभाग ने इसे प्राथमिकता नहीं दी। वीर विनय चौराहा से फुलवरिया चौराहा तक का 4.8 किलोमीटर का मार्ग सबसे व्यस्त है। सड़क की चौड़ाई 7 मीटर से बढ़ाकर 10 मीटर की गई, लेकिन बिजली के खंभे और ट्रांसफॉर्मर हटाने के लिए बजट नहीं मिला। अब ये खंभे चौड़ी सड़क के बीच में हैं और दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बन रहे हैं। बिजली विभाग ने 20 फरवरी 2022 को तार, खंभे और ट्रांसफार्मरों की शिफ्टिंग के लिए 3.29 करोड़ रुपये की मांग की थी। यह प्रस्ताव अभी तक स्वीकृत नहीं हुआ है। जिलाधिकारी ने अब दोबारा प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। अधिशासी अभियंता अजय सिंह ने बताया कि हादसों को देखते हुए फिलहाल खंभों पर रेडियम पट्टियां लगाई जाएंगी। एनएच-330 अयोध्या के अधिशासी अभियंता एस.के. मिश्रा ने कहा कि इस मामले को राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय के समक्ष रखा जाएगा। साथ ही, मार्ग के चौड़ीकरण और डिवाइडर निर्माण को भी प्रस्तावित किया जाएगा।
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