बहराइच के मिहींपुरवा विकास खंड मुख्यालय पर ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों ने शांतिपूर्ण सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया है। यह आंदोलन गैर-विभागीय कार्यों के बढ़ते बोझ और अनावश्यक दबाव के विरोध में किया जा रहा है। सभी कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर नई व्यवस्था का विरोध जताया है। ग्राम पंचायत अधिकारी ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन उपस्थिति, फील्ड रिस्पांस सिस्टम और मूल विभागीय कार्यों के अतिरिक्त लगातार अन्य विभागों के कार्य थोपे जा रहे हैं। इससे नियमित विकास कार्य और ग्राम पंचायत की मूल जिम्मेदारियां प्रभावित हो रही हैं। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर यह आंदोलन चार चरणों में बांटा गया है, जो 1 दिसंबर से 15 दिसंबर तक चलेगा। पहले चरण में 1 से 4 दिसंबर तक सभी सचिवों ने काली पट्टी बांधकर शासकीय कार्य किया। 5 दिसंबर से उन्होंने पूर्ण कार्य बहिष्कार का रास्ता अपनाया है। कार्य बहिष्कार के दौरान सभी सचिवों ने शासकीय मोबाइल ग्रुप से खुद को अलग कर लिया है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 15 दिसंबर के बाद भुगतान डोंगल भी जमा कर दिए जाएंगे। इस संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित दस सूत्री ज्ञापन खंड विकास अधिकारी विनोद यादव को सौंपा गया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और ग्राम पंचायत स्तर पर आवश्यक तथा जनहित के कार्य प्रभावित नहीं होंगे। हालांकि, अनावश्यक और गैर-विभागीय कार्यों का विरोध सख्ती से जारी रहेगा। आंदोलन के दौरान अधिकारी और सचिव प्रतिदिन अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित करेंगे। इस अवसर पर ग्राम पंचायत संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष अनिल मौर्य, मंत्री अर्जुन सोनकर, ग्राम विकास संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष सुशील सिंह तथा ब्लॉक मंत्री शैलेश सिंह, बृजराज पाण्डेय, मनीष चौधरी, अनुज पाल, विजय शर्मा, दयानंद, संदीप चौधरी, दीपक चौधरी, विजय वर्मा, शहनवाज अहमद और विनय जाटव सहित समस्त ग्राम पंचायत व ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित रहे।
मिहींपुरवा में ग्राम सचिवों का विरोध प्रदर्शन: मांगों पर सहमति न बनने पर 15 दिसंबर से भुगतान डोंगल जमा करने की चेतावनी – Mihinpurwa(Bahraich) News
बहराइच के मिहींपुरवा विकास खंड मुख्यालय पर ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों ने शांतिपूर्ण सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया है। यह आंदोलन गैर-विभागीय कार्यों के बढ़ते बोझ और अनावश्यक दबाव के विरोध में किया जा रहा है। सभी कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर नई व्यवस्था का विरोध जताया है। ग्राम पंचायत अधिकारी ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन उपस्थिति, फील्ड रिस्पांस सिस्टम और मूल विभागीय कार्यों के अतिरिक्त लगातार अन्य विभागों के कार्य थोपे जा रहे हैं। इससे नियमित विकास कार्य और ग्राम पंचायत की मूल जिम्मेदारियां प्रभावित हो रही हैं। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर यह आंदोलन चार चरणों में बांटा गया है, जो 1 दिसंबर से 15 दिसंबर तक चलेगा। पहले चरण में 1 से 4 दिसंबर तक सभी सचिवों ने काली पट्टी बांधकर शासकीय कार्य किया। 5 दिसंबर से उन्होंने पूर्ण कार्य बहिष्कार का रास्ता अपनाया है। कार्य बहिष्कार के दौरान सभी सचिवों ने शासकीय मोबाइल ग्रुप से खुद को अलग कर लिया है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 15 दिसंबर के बाद भुगतान डोंगल भी जमा कर दिए जाएंगे। इस संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित दस सूत्री ज्ञापन खंड विकास अधिकारी विनोद यादव को सौंपा गया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और ग्राम पंचायत स्तर पर आवश्यक तथा जनहित के कार्य प्रभावित नहीं होंगे। हालांकि, अनावश्यक और गैर-विभागीय कार्यों का विरोध सख्ती से जारी रहेगा। आंदोलन के दौरान अधिकारी और सचिव प्रतिदिन अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित करेंगे। इस अवसर पर ग्राम पंचायत संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष अनिल मौर्य, मंत्री अर्जुन सोनकर, ग्राम विकास संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष सुशील सिंह तथा ब्लॉक मंत्री शैलेश सिंह, बृजराज पाण्डेय, मनीष चौधरी, अनुज पाल, विजय शर्मा, दयानंद, संदीप चौधरी, दीपक चौधरी, विजय वर्मा, शहनवाज अहमद और विनय जाटव सहित समस्त ग्राम पंचायत व ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित रहे।








































