तुलसीपुर विकासखंड के ओडाझार गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। देवीपाटन मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित इस गांव में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव की नालियां पूरी तरह जाम हो चुकी हैं और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इसके अलावा, जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिनकी महीनों से सफाई नहीं हुई है। सफाई के अभाव में गांव में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गंदगी के कारण उनका जीना दूभर हो गया है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा स्वच्छता के लिए चलाए जा रहे अभियान और ‘ग्राम स्वच्छता साथी एप’ के आदेश भी इस गांव में बेअसर साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सफाईकर्मी तैनात होने के बावजूद स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने और गांव की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।
ओडाझार गांव में सफाई व्यवस्था फेल, बीमारियों का खतरा:देवीपाटन मंदिर के पास नालियां जाम, सड़कों पर बह रहा गंदा पानी
तुलसीपुर विकासखंड के ओडाझार गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। देवीपाटन मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित इस गांव में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव की नालियां पूरी तरह जाम हो चुकी हैं और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इसके अलावा, जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिनकी महीनों से सफाई नहीं हुई है। सफाई के अभाव में गांव में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गंदगी के कारण उनका जीना दूभर हो गया है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा स्वच्छता के लिए चलाए जा रहे अभियान और ‘ग्राम स्वच्छता साथी एप’ के आदेश भी इस गांव में बेअसर साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सफाईकर्मी तैनात होने के बावजूद स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने और गांव की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।









































