बस्ती में 31 दिसंबर की रात मालवीय रोड स्थित होटल क्लार्क इन में खाना मांगने पर दो युवकों की कथित पिटाई का मामला गरमा गया है। मंगलवार को इस घटना के विरोध में प्रधानसंघ के ब्लॉक अध्यक्ष सचिन दुबे और हिमांशु शुक्ला ने प्रधानों के साथ बीजेपी पार्टी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। हिमांशु शुक्ला ने बताया कि वे 31 दिसंबर की रात करीब 10 बजे होटल क्लार्क इन में खाना खाने गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि होटल स्टाफ ने उन्हें खाना नहीं दिया और लाठी-डंडों से उनकी पिटाई की। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया, जिसने उन्हें भी पीटा। शुक्ला के अनुसार, पुलिस ने उन्हें पीटते हुए गाड़ी में बैठाया और कोतवाली ले गई। उन्होंने बताया कि कोतवाली के अंदर भी उन चार लोगों को मारा गया। पुलिस जिस राइफल को अवैध बता रही है, वह उनके चाचा की लाइसेंसी राइफल थी, जो उनके साथ थे। पीड़ितों ने न्याय की मांग की है और उन पर दर्ज मुकदमे को वापस लेने की अपील की है। सचिन दुबे ने आरोप लगाया कि उन्हें भद्दी गालियां दी गईं और मारा गया, जिसके लिए वे न्याय चाहते हैं। दूसरी ओर, होटल क्लार्क इन के प्रबंधक शैमुइल ने घटना का अलग विवरण दिया। उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर की रात उन्होंने एक नॉन-अल्कोहलिक डिनर का आयोजन किया था, जिसमें सभी मेहमान प्री-बुक्ड थे। शैमुइल के मुताबिक, रात करीब 11 बजे कुछ लोग काली स्कॉर्पियो से आए और अंदर घुसने की कोशिश की। स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोका और बताया कि प्रवेश केवल निमंत्रण के आधार पर है। यह बात उन्हें नागवार गुजरी। इसी दौरान, किसी मेहमान ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस आई और उन लोगों को अपने साथ ले गई। प्रबंधक ने कहा कि केवल यही घटना हुई थी।









































