ठूठीबारी थाना क्षेत्र में पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना के निर्देश पर मंगलवार को पुलिस ने पैदल गश्त की। यह गश्त जनपद में शांति और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से की गई। थानाध्यक्ष ठूठीबारी ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ बाजार, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने आमजन से सीधा संवाद स्थापित किया। पैदल गश्त के दौरान पुलिस ने ठंड के मौसम को देखते हुए दुकानदारों और प्रतिष्ठानों के मालिकों से सीसीटीवी कैमरे लगवाने की अपील की। इसका उद्देश्य अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। नागरिकों से किसी भी संदिग्ध या अनजान व्यक्ति के बारे में तत्काल पुलिस को सूचित करने का आग्रह किया गया। इसके अतिरिक्त, घने कोहरे में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग, धीमी गति और आवश्यक लाइटों के प्रयोग की सलाह दी गई। कोतवाली प्रभारी नवनीत नागर ने बताया कि पुलिस आमजन की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गश्त से अपराधों पर अंकुश लगता है और लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होती है।
महराजगंज के ठूठीबारी में पुलिस ने की पैदल गश्त: वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग, धीमी गति और आवश्यक लाइटों के प्रयोग की सलाह दी – Thuthibari(Nichlaul) News
ठूठीबारी थाना क्षेत्र में पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना के निर्देश पर मंगलवार को पुलिस ने पैदल गश्त की। यह गश्त जनपद में शांति और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से की गई। थानाध्यक्ष ठूठीबारी ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ बाजार, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने आमजन से सीधा संवाद स्थापित किया। पैदल गश्त के दौरान पुलिस ने ठंड के मौसम को देखते हुए दुकानदारों और प्रतिष्ठानों के मालिकों से सीसीटीवी कैमरे लगवाने की अपील की। इसका उद्देश्य अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। नागरिकों से किसी भी संदिग्ध या अनजान व्यक्ति के बारे में तत्काल पुलिस को सूचित करने का आग्रह किया गया। इसके अतिरिक्त, घने कोहरे में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग, धीमी गति और आवश्यक लाइटों के प्रयोग की सलाह दी गई। कोतवाली प्रभारी नवनीत नागर ने बताया कि पुलिस आमजन की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गश्त से अपराधों पर अंकुश लगता है और लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होती है।









































