बलरामपुर के सादुल्लाहनगर क्षेत्र स्थित नेवादा गांव में ‘नेशनल क्रिकेट ट्रॉफी’ का आयोजन किया जा रहा है। शाहिद अली के संयोजन में आयोजित इस टूर्नामेंट में रोमांचक मुकाबले देखने को मिल रहे हैं। बनकटवा टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन से दर्शकों का ध्यान खींचा है, जिसमें खिलाड़ी लखविंदर का अहम योगदान रहा। टूर्नामेंट का सातवां लीग मुकाबला बनकटवा और बढ़ाया के बीच खेला गया। बढ़ाया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बनकटवा की ओर से बल्लेबाजी करते हुए लखविंदर ने 22 गेंदों में 45 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें कई चौके-छक्के शामिल थे। उनके इस प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। यह मैच 8-8 ओवरों का था। टूर्नामेंट के अंतिम क्वार्टर फाइनल मैच में बनकटवा का सामना दतलूपुर से हुआ। दतलूपुर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का विकल्प चुना। बनकटवा के बल्लेबाज लखविंदर ने एक बार फिर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मात्र 22 गेंदों में 98 रन बनाए। उनकी इस ऐतिहासिक पारी की बदौलत बनकटवा ने 182 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में, 183 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दतलूपुर की टीम दबाव में बिखर गई। वे निर्धारित ओवरों में 8 विकेट खोकर केवल 60 रन ही बना सके। गेंदबाजी में भी लखविंदर ने कमाल दिखाया और 2 ओवर में 3 विकेट लेकर दतलूपुर की बल्लेबाजी को ध्वस्त कर दिया। इस जीत के साथ बनकटवा ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इस अवसर पर टूर्नामेंट के आयोजक शाहिद अली ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण प्रतिभाओं को एक बेहतर मंच प्रदान करना है। मैचों को देखने के लिए भारी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे।
नेशनल क्रिकेट ट्रॉफी में रोमांचक मुकाबलों का दौर जारी:बनकटवा टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन से दर्शकों का ध्यान खींचा
बलरामपुर के सादुल्लाहनगर क्षेत्र स्थित नेवादा गांव में ‘नेशनल क्रिकेट ट्रॉफी’ का आयोजन किया जा रहा है। शाहिद अली के संयोजन में आयोजित इस टूर्नामेंट में रोमांचक मुकाबले देखने को मिल रहे हैं। बनकटवा टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन से दर्शकों का ध्यान खींचा है, जिसमें खिलाड़ी लखविंदर का अहम योगदान रहा। टूर्नामेंट का सातवां लीग मुकाबला बनकटवा और बढ़ाया के बीच खेला गया। बढ़ाया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बनकटवा की ओर से बल्लेबाजी करते हुए लखविंदर ने 22 गेंदों में 45 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें कई चौके-छक्के शामिल थे। उनके इस प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। यह मैच 8-8 ओवरों का था। टूर्नामेंट के अंतिम क्वार्टर फाइनल मैच में बनकटवा का सामना दतलूपुर से हुआ। दतलूपुर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का विकल्प चुना। बनकटवा के बल्लेबाज लखविंदर ने एक बार फिर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मात्र 22 गेंदों में 98 रन बनाए। उनकी इस ऐतिहासिक पारी की बदौलत बनकटवा ने 182 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में, 183 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दतलूपुर की टीम दबाव में बिखर गई। वे निर्धारित ओवरों में 8 विकेट खोकर केवल 60 रन ही बना सके। गेंदबाजी में भी लखविंदर ने कमाल दिखाया और 2 ओवर में 3 विकेट लेकर दतलूपुर की बल्लेबाजी को ध्वस्त कर दिया। इस जीत के साथ बनकटवा ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इस अवसर पर टूर्नामेंट के आयोजक शाहिद अली ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण प्रतिभाओं को एक बेहतर मंच प्रदान करना है। मैचों को देखने के लिए भारी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे।





































