बलरामपुर में मनोरमा नाले का पुल जर्जर:ग्रामीणों के लिए खतरे की घंटी, जल्द निर्माण का मिला भरोसा

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विकासखंड पचपेड़वा क्षेत्र में मनोरमा नाले पर बना पुल जर्जर हालत में है। वर्ष 2011-12 में बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट योजना के तहत ग्राम पकड़ी जीतपुर और विशुनपुर कोड़र को जोड़ने के लिए निर्मित यह पुल अब कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। पुल की सतह जगह-जगह से टूट चुकी है, जिसमें गहरी दरारें पड़ गई हैं। लोहे की सरिया बाहर निकलने से राहगीरों की जान को खतरा बना हुआ है। वर्षों से समुचित रखरखाव न होने के कारण इसकी स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। पीडब्ल्यूडी विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुल के दोनों सिरों पर ईंटों की दीवार बनाकर वाहनों का आवागमन रोकने का प्रयास किया है। हालांकि, कुछ लापरवाह वाहन चालक इन अवरोधों को हटाकर पुल से गुजर रहे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि भारी वाहन या अधिक लोग एक साथ पुल पर आए तो बड़ा हादसा हो सकता है। यह पुल दोनों गांवों के लिए एक जीवनरेखा है। इसी मार्ग से स्कूली बच्चे, किसान, मजदूर, बुजुर्ग और आपातकालीन सेवाएं आती-जाती हैं। पुल खराब होने के कारण ग्रामीणों को कई किलोमीटर लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है, जिससे उनका समय, धन और परेशानी तीनों बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागों और प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विपिन चौधरी, बीडीसी अतीउल्लाह, रामदेव चौधरी, अजय कुमार, दिनेश कुमार, राजू सहित अनेक ग्रामीणों ने शीघ्र तकनीकी जांच कराकर नए पुल के निर्माण या व्यापक मरम्मत की मांग की है। इस बीच, क्षेत्रीय सपा विधायक राकेश कुमार यादव ने जानकारी दी है कि पुल निर्माण का प्रस्ताव पास हो चुका है और बहुत जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू होने वाली है। विधायक के इस आश्वासन से ग्रामीणों में जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
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