
श्रावस्ती के मल्हीपुर थाना क्षेत्र के सेमरहनिया गांव में होली के दिन राप्ती नदी में नहाने गए चार बच्चे डूब गए। इस घटना में तीन बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक आठ वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। बच्ची का शव अगले दिन घटनास्थल से करीब ढाई किलोमीटर दूर नदी किनारे रेत में दबा मिला। यह घटना बुधवार को हुई। सेमरहनिया गांव के आठ वर्षीय कुमकुम, दस वर्षीय उर्मिला, नौ वर्षीय अंशिका और ग्यारह वर्षीय लक्ष्मण होलिका दहन की राख बुझाने के बाद गांव के पास राप्ती नदी में नहाने गए थे। नहाते समय अचानक चारों बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। मौके पर मौजूद नाव चलाने वाले मंगली और महेश ने बच्चों को डूबते देख नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने तीन बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, कुमकुम को गहरे पानी से नहीं बचाया जा सका और वह तेज बहाव में बह गई। बृहस्पतिवार को एनडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर कुमकुम की तलाश कर रही थी। इसी दौरान, घटनास्थल से लगभग ढाई किलोमीटर दूर नदी किनारे कुछ लोगों ने कुमकुम के शव को रेत में दबा हुआ पाया। बताया गया कि बच्चों का घर नदी से करीब 150 मीटर की दूरी पर है। मृत बच्ची कुमकुम के पिता मनीष हरियाणा में मजदूरी करते हैं। घटना की जानकारी मिलने पर वह घर पहुंच गए। कुमकुम के परिवार में उसके दो भाई हैं, जिनमें एक 12 वर्षीय आलोक और दूसरा लगभग एक वर्ष का है। कुमकुम परिवार की इकलौती बेटी थी। घटना के दौरान मौजूद लक्ष्मण की बहन उर्मिला ने बताया कि कुमकुम को अधिक पानी होने के कारण नदी में उतरने से मना किया गया था। हालांकि, वह नहीं मानी और पानी में चली गई, जिसके बाद वह डूबने लगी। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि गांव के पास नदी होने के कारण त्योहारों के दौरान नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए। उन्होंने प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की भी आवश्यकता जताई, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता मिल सके।











































