श्रावस्ती के नासिरगंज में इमाम हसन की विलादत:क्विज प्रतियोगिता में आरिज रिजवी ने जीता पहला स्थान

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श्रावस्ती के नासिरगंज कस्बे में 15 रमजान की रात शिया मुस्लिम समुदाय द्वारा हुसैनिया इमामबाड़ा में शियाओं के दूसरे इमाम, इमाम हसन की विलादत (जन्मदिन) के अवसर पर एक विशेष महफिल का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हर साल की तरह इस वर्ष भी आयोजित हुआ। महफिल में अंजुमन हुसैनिया के सदस्य और बड़ी संख्या में मोमिनीन (श्रद्धालु) शामिल हुए। इस दौरान छोटे-बड़े सभी ने इमाम हसन की शान में कसीदे और मनकबत (भक्ति गीत) पढ़े। उलेमा और वक्ताओं ने इमाम हसन की सीरत (जीवन) और उनकी फजीलत (महिमा) पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि इमाम हसन अपने अख़लाक (नैतिकता), सब्र (धैर्य), सखावत (उदारता) और इंसाफ (न्याय) के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। उन्हें ‘करीम अहले बैत’ भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में कई बार अपनी सारी संपत्ति गरीबों और जरूरतमंदों में बांट दी थी। उनका जीवन इंसानियत, अमन और भाईचारे का संदेश देता है। महफिल के बाद मरहूम कर्रार हुसैन की याद में एक क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें धार्मिक और सामान्य ज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे गए। प्रतियोगिता में आरिज़ रिजवी ने पहला स्थान हासिल किया, जिन्हें इनाम देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, अकील रिजवी, सैफ रिजवी, नाजिम हैदर, यूसुफ आकिल, रेहान हुसैन, अर्श हैदर और सिराज ने भी कई सवालों के सही जवाब देकर इनाम जीते। कार्यक्रम के अंत में तबर्रुक (प्रसाद) वितरित किया गया और सभी मोमिनीन ने एक-दूसरे को इमाम हसन की विलादत की मुबारकबाद दी।
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