
श्रावस्ती के हरदत्त नगर गिरंट थाना क्षेत्र अंतर्गत भजोरेपुरवा गांव में किसान नेमराज पाठक की हत्या का मामला दो सप्ताह बाद भी पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। 16 फरवरी की देर रात किसान की लूट के दौरान हत्या कर दी गई थी। लेकिन अब तक घटना का खुलासा नहीं हो सका है। रात में घर में घुसे थे बदमाश परिजनों के अनुसार, घटना की रात नेमराज पाठक अपने घर के बरामदे में सो रहे थे, जबकि उनके पुत्र सुनील पाठक और बहू लक्ष्मी कमरे में थे। रात करीब दो बजे चार अज्ञात बदमाश घर में घुस आए। आहट से नेमराज की नींद खुल गई और उन्होंने विरोध किया, जिस पर बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी। शोर सुनकर बेटे सुनील ने कमरे का दरवाजा खोला तो बाहर खड़े बदमाशों ने उसे पकड़कर बांध दिया। बहू लक्ष्मी ने बताया कि बदमाशों को देखकर वह डर के मारे बेड के नीचे छिप गई थीं। बदमाशों के जाने के बाद जब वह बाहर निकलीं तो सुनील बंधे हुए थे और नेमराज खून से लथपथ पड़े थे। परिजनों के मुताबिक बदमाश घर से करीब दो हजार रुपये नकद और कुछ जेवर लूटकर फरार हो गए। ग्रामीणों के अनुसार नेमराज पाठक का परिवार पहले से ही कई कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था। करीब पांच वर्ष पहले उनका बड़ा बेटा सुशील पाठक लापता हो गया था और कुछ समय बाद उनकी पत्नी आशा बहू का भी निधन हो गया। इसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी नेमराज पर ही आ गई थी। दो वर्ष पहले उन्होंने छोटे बेटे की शादी की थी और करीब छह बीघा खेती के सहारे गांव के बाहर बने घर में परिवार का गुजारा कर रहे थे। मात्र दो हजार रुपए और कुछ जेवर के लिए हत्या किए जाने को लेकर ग्रामीणों में संदेह की स्थिति बनी हुई है। कुछ लोग इसे आंतरिक साजिश से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि नेमराज ने बदमाशों को पहचान लिया होगा, जिसके कारण उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदिग्धों की तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। हालांकि, दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद हत्याकांड का पर्दाफाश न होने से ग्रामीणों में चिंता और आक्रोश बना हुआ है।











































