
श्रावस्ती जिले के ग्राम पंचायत जरकुसहा में देहात इंडिया संस्था के तत्वावधान में ग्राम बाल संरक्षण समिति (VLCWPC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य बाल अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और गांव से संबंधित प्रमुख समस्याओं पर चर्चा करना था। बैठक में ग्राम प्रधान अनीता मिश्रा, बाल कल्याण समिति (CWC) के अध्यक्ष विश्राम पासवान, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (AHT) थाना की टीम से एसआई सतीश कुमार, आरक्षी अर्चना पाण्डेय, सरला अवस्थी, अभिषेक कुमार और अनमोल शामिल हुए। इनके अतिरिक्त, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता देवी और नीतू सत्संगी, आशा कार्यकर्ता संजू देवी, ग्रामीण प्रतिनिधि मायादेवी, अध्यापक राजेश कुमार मिश्रा, देहात इंडिया संस्था से हंसराम मोहम्मद युसुफ और ग्रामीण बौद्ध कल्याण सेवा संस्थान से ओंकार नाथ चौधरी भी उपस्थित रहे। पुलिस टीम के प्रतिनिधियों और गांव के दो बच्चों ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों और सदस्यों ने बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी, शिक्षा से वंचित बच्चों और बच्चों के अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष ने जोर दिया कि बच्चों की सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इसके लिए आगे आना होगा। उन्होंने ग्राम बाल संरक्षण समिति से सक्रिय भूमिका निभाने और किसी भी संदिग्ध स्थिति की तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करने की अपील की। बैठक में गांव से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण समस्याएं भी सामने आईं। पहला मुद्दा बच्चों के स्कूल जाने के लिए पक्के रास्ते का अभाव था, जिसके कारण उन्हें खेतों की मेड़ से होकर कच्चे रास्ते से जाना पड़ता है, जिससे बरसात में काफी परेशानी होती है। दूसरा मुद्दा आंगनबाड़ी केंद्र का गांव से काफी दूर होना था, जिससे छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को सेवाएं प्राप्त करने में कठिनाई होती है। साथ ही, आंगनबाड़ी भवन की जर्जर स्थिति भी बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध नहीं करा पा रही है। बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि गांव में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता अभियान लगातार चलाया जाएगा। इसके साथ ही, सामने आई समस्याओं को संबंधित विभागों के संज्ञान में लाकर उनके समाधान के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे।











































