कठार जंगल बस्ती में गौरक्षा सम्मेलन आयोजित:श्री गौशाला के 121वें स्थापना दिवस पर मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर हुआ आयोजन

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कठार जंगल बस्ती स्थित श्री गौशाला के 121वें स्थापना दिवस पर मार्गशीर्ष पूर्णिमा के अवसर पर एक भव्य गौरक्षा सम्मेलन आयोजित किया गया। योगरत्न आदित्यनारायण गिरि ने कहा कि गौमाता के संरक्षण और संवर्द्धन से ही देश खुशहाल होगा। कार्यक्रम का शुभारंभ आदित्यनारायण गिरि के ब्रह्मत्व में वैदिक देवयज्ञ से हुआ, जिसमें गौसंवर्द्धन एवं गौरक्षा के संकल्प के साथ आहुतियाँ दी गईं। इसके बाद न्यासी चंद्रशेखर मिश्र सहित गौशाला के सदस्यों ने गौपूजन कर गौमाता को गौग्रास अर्पित किया। यज्ञ के दौरान अपने संबोधन में योगरत्न आदित्यनारायण गिरि ने गौमाता के संरक्षण और संवर्द्धन को देश की समृद्धि के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने सभी से तन, मन और धन से गाय की सेवा करने का आह्वान किया, क्योंकि उनके अनुसार गाय के बिना गांव, कृषि और संस्कृति सुरक्षित नहीं रह सकती। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पूर्वजों ने गाय को कृषि और जीवन का आधार मानकर गोपाष्टमी और गोवर्द्धन पूजा जैसे पर्वों के माध्यम से उसकी रक्षा पर जोर दिया था। न्यासी चंद्रशेखर मिश्र ने कहा कि देशी गाय आज पूरे विश्व में शोध का विषय बन गई है। उन्होंने बताया कि कई राज्य सरकारें इसके पालन के लिए कम ब्याज पर ऋण और प्रति गाय सम्मान निधि प्रदान कर रही हैं। मिश्र ने किसानों को गोबर और गोमूत्र से जैविक खेती करके रासायनिक खादों के दुष्प्रभावों से बचने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि गौसेवा मनुष्य को निर्वैर बनाती है और समाज में भाईचारा बढ़ाती है, साथ ही गोमूत्र को दूध से अधिक मूल्यवान बताया। आनन्द स्वरूप सिंह कौशल ने अपने संबोधन में कहा कि गाय केवल पालन ही नहीं करती, बल्कि स्वास्थ्य और समृद्धि भी प्रदान करती है। कार्यक्रम का संचालन कर रहे विकास मिश्र ने बताया कि गोघृत से निकलने वाला धुआं वातावरण को शुद्ध करता है और जैविक खेती से अधिक उत्पादन तथा रोगमुक्त अन्न प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने मेले में उपस्थित लोगों से गोपूजन में भाग लेने और गौशाला के लिए सहयोग करने की अपील की। इस गौरक्षा सम्मेलन में शिव कुमार, मनीष, धर्मेन्द्र, जितेन्द्र, रामशंकर सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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