राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के दिशानिर्देशों के तहत ‘ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट फॉर मदर एंड चाइल्ड’ और ‘टकेडा फार्मा’ के सहयोग से संचालित ‘सशक्त गांव विकसित राष्ट्र’ परियोजना के दूसरे चरण का शुभारंभ बहराइच के धन्वंतरि सभागार में किया गया। इस अवसर पर जनपद और विकासखंड स्तर के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा समुदाय से जुड़े कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने कार्यक्रम के शुभारंभ पर कहा कि ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियों को प्राप्त होने वाले फंड का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य लाभार्थियों को सीधा लाभ पहुँचाना और ग्रामीण स्तर पर आवश्यकताओं की प्रभावी पूर्ति करना है। असिस्टेंट डिप्टी डायरेक्टर डॉ. काज़ी नज़्मुद्दीन ने एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें उन्होंने परियोजना के पहले चरण की गतिविधियों, समुदाय आधारित हस्तक्षेपों और प्राप्त उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि परियोजना ने ग्राम स्तर पर समितियों की सक्रियता, जवाबदेही और स्वास्थ्य-पोषण व्यवहारों में सुधार दर्ज किया है। जिला समन्वयक आदर्श मिश्रा ने जानकारी दी कि पहले चरण के सफल परिणामों को देखते हुए परियोजना का दायरा पाँच से बढ़ाकर सात ब्लॉकों तक किया जा रहा है। दूसरे चरण में 645 ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियों को अधिक मजबूत और परिणामोन्मुखी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैठक का संचालन करते हुए जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी बृजेश सिंह ने पहले चरण की उपलब्धियों, समिति सशक्तीकरण मॉडल और सामुदायिक सहभागिता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने दूसरे चरण की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम के दौरान पहले चरण पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई। अतिथियों ने इसे परियोजना की जमीनी उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने वाला बताया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम समन्वयक सरजू खान, डॉ. निखिल सिंह, पंचम ऋषि, अजय यादव, दीपक कुमार, वीरेंद्र वर्मा, डॉ. महेश कुमार, दीपक कुमार, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, शांति थापा, जय प्रकाश, नीलम कुमारी, प्रीति वर्मा सहित ममता टीम के देवेंद्र कुमार, अंजली दीक्षित, गौतम कुमार, आनंद कुमार, निर्मल कुमार, आशीष श्रीवास्तव, संदीप और गायत्री देवी समेत कई अधिकारी, कर्मचारी एवं समुदाय प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बहराइच में ‘सशक्त गांव’ परियोजना का दूसरा चरण शुरू: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के दिशा-निर्देश में हुआ शुभारंभ – Mahsi News
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के दिशानिर्देशों के तहत ‘ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट फॉर मदर एंड चाइल्ड’ और ‘टकेडा फार्मा’ के सहयोग से संचालित ‘सशक्त गांव विकसित राष्ट्र’ परियोजना के दूसरे चरण का शुभारंभ बहराइच के धन्वंतरि सभागार में किया गया। इस अवसर पर जनपद और विकासखंड स्तर के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा समुदाय से जुड़े कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने कार्यक्रम के शुभारंभ पर कहा कि ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियों को प्राप्त होने वाले फंड का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य लाभार्थियों को सीधा लाभ पहुँचाना और ग्रामीण स्तर पर आवश्यकताओं की प्रभावी पूर्ति करना है। असिस्टेंट डिप्टी डायरेक्टर डॉ. काज़ी नज़्मुद्दीन ने एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें उन्होंने परियोजना के पहले चरण की गतिविधियों, समुदाय आधारित हस्तक्षेपों और प्राप्त उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि परियोजना ने ग्राम स्तर पर समितियों की सक्रियता, जवाबदेही और स्वास्थ्य-पोषण व्यवहारों में सुधार दर्ज किया है। जिला समन्वयक आदर्श मिश्रा ने जानकारी दी कि पहले चरण के सफल परिणामों को देखते हुए परियोजना का दायरा पाँच से बढ़ाकर सात ब्लॉकों तक किया जा रहा है। दूसरे चरण में 645 ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियों को अधिक मजबूत और परिणामोन्मुखी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैठक का संचालन करते हुए जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी बृजेश सिंह ने पहले चरण की उपलब्धियों, समिति सशक्तीकरण मॉडल और सामुदायिक सहभागिता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने दूसरे चरण की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम के दौरान पहले चरण पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई। अतिथियों ने इसे परियोजना की जमीनी उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने वाला बताया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम समन्वयक सरजू खान, डॉ. निखिल सिंह, पंचम ऋषि, अजय यादव, दीपक कुमार, वीरेंद्र वर्मा, डॉ. महेश कुमार, दीपक कुमार, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, शांति थापा, जय प्रकाश, नीलम कुमारी, प्रीति वर्मा सहित ममता टीम के देवेंद्र कुमार, अंजली दीक्षित, गौतम कुमार, आनंद कुमार, निर्मल कुमार, आशीष श्रीवास्तव, संदीप और गायत्री देवी समेत कई अधिकारी, कर्मचारी एवं समुदाय प्रतिनिधि उपस्थित थे।









































