महाराजगंज में 22वीं वाहिनी एसएसबी की समवाय पटलावा ने मंगलवार को भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में मानव तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोकथाम के लिए समन्वय बैठकें आयोजित कीं। इन बैठकों में नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (APF) और निचलौल स्थित पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति ने भाग लिया। बैठकों के दौरान सीमा क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों, मानव तस्करी के संभावित मार्गों, पीड़ितों की पहचान करने के तरीकों और त्वरित सूचना-साझाकरण की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। समन्वय बैठक में मानव तस्करी, बाल श्रम, अवैध आवागमन और संगठित अपराधों पर संयुक्त गश्त, खुफिया जानकारी साझा करने और जन-जागरूकता अभियानों को मजबूत करने का निर्णय लिया गया। सामाजिक संस्था ने स्थानीय स्तर पर जागरूकता फैलाने, संदिग्ध मामलों की जानकारी तुरंत सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचाने और पीड़ितों के पुनर्वास में सहयोग करने का आश्वासन दिया। एसएसबी और नेपाल APF ने सीमावर्ती क्षेत्रों में आपसी समन्वय बढ़ाने, कानून प्रवर्तन को सुदृढ़ करने और अपराधियों के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाने का संकल्प लिया। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य सीमा सुरक्षा को मजबूत कर मानव तस्करी पर निर्णायक प्रहार करना था।
महाराजगंज में मानव तस्करी पर सख्त नियंत्रण का संकल्प: नेपाल APF और सामाजिक संस्था के साथ SSB की समन्वय बैठक – Laxmipur Khurd(Nichlaul) News
महाराजगंज में 22वीं वाहिनी एसएसबी की समवाय पटलावा ने मंगलवार को भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में मानव तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोकथाम के लिए समन्वय बैठकें आयोजित कीं। इन बैठकों में नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (APF) और निचलौल स्थित पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति ने भाग लिया। बैठकों के दौरान सीमा क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों, मानव तस्करी के संभावित मार्गों, पीड़ितों की पहचान करने के तरीकों और त्वरित सूचना-साझाकरण की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। समन्वय बैठक में मानव तस्करी, बाल श्रम, अवैध आवागमन और संगठित अपराधों पर संयुक्त गश्त, खुफिया जानकारी साझा करने और जन-जागरूकता अभियानों को मजबूत करने का निर्णय लिया गया। सामाजिक संस्था ने स्थानीय स्तर पर जागरूकता फैलाने, संदिग्ध मामलों की जानकारी तुरंत सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचाने और पीड़ितों के पुनर्वास में सहयोग करने का आश्वासन दिया। एसएसबी और नेपाल APF ने सीमावर्ती क्षेत्रों में आपसी समन्वय बढ़ाने, कानून प्रवर्तन को सुदृढ़ करने और अपराधियों के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाने का संकल्प लिया। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य सीमा सुरक्षा को मजबूत कर मानव तस्करी पर निर्णायक प्रहार करना था।


























