श्रावस्ती डीएम की पहल, दिव्यांगों को मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल:शीतलहर को देखते हुए कंबल देकर प्रमाण पत्र सौंपा

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श्रावस्ती में जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पांडेय के जनता दर्शन कार्यक्रम में दिव्यांग फरियादियों को तत्काल सहायता प्रदान की जा रही है। यह पहल प्रशासनिक संवेदनशीलता का एक उदाहरण प्रस्तुत करती है, जहां जरूरतमंदों को मौके पर ही राहत मिल रही है। एहलवा निवासी शिव प्रसाद, जो पैरों से दिव्यांग हैं, अपनी समस्या लेकर जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पांडेय से मिले। जिलाधिकारी ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी को बुलाया। मौके पर ही शिव प्रसाद का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया, जिसमें उन्हें दिव्यांग पाया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर शिव प्रसाद को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई। शीतलहर को देखते हुए उन्हें एक कंबल भी दिया गया, जिससे उनके दैनिक जीवन में सुविधा हो सके। इससे पहले बुधवार को जनसुनवाई के दौरान, तहसील भिनगा के मदरहवा गांव से मानसिक रूप से दिव्यांग सहरातून और दिलशाद की माता अपने बच्चों के साथ जिलाधिकारी से मिली थीं। उन्होंने बताया कि लंबे समय से प्रयासों के बावजूद उनके बच्चों का दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं बन पाया था और वे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी ने तत्काल मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. यूसुफ खान से बच्चों का परीक्षण कराया। चिकित्सकीय जांच में दोनों बच्चे शत-प्रतिशत मानसिक दिव्यांग पाए गए। इस रिपोर्ट के आधार पर, जिलाधिकारी के निर्देश पर बच्चों के दिव्यांग प्रमाण पत्र तुरंत जारी किए गए। इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के सहयोग से उन्हें मानसिक दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई सीपी व्हीलचेयर भी प्रदान की गई। जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पांडेय ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दिव्यांगजनों से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाए। उन्होंने जोर दिया कि दिव्यांगजनों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और प्रशासन का दायित्व है कि उन्हें सम्मानपूर्वक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

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