सिद्धार्थनगर के बांसी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रानी लक्ष्मीनगर नरकटहा स्थित बांसी फल मंडी में बुधवार देर शाम भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। यह घटना उत्तर प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह के महल से सटी फल मंडी में हुई, जहां अज्ञात कारणों से कई कैरेट फल आग की चपेट में आ गए। आग की लपटें और धुएं का गुबार करीब 10 किलोमीटर दूर तक आसमान में दिखाई देता रहा। घटना बुधवार शाम करीब 8 बजे की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक मंडी से धुआं उठता दिखा, जो कुछ ही देर में विकराल आग में तब्दील हो गया। आग लगते ही मंडी में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कई व्यापारियों का लाखों रुपए का माल जलकर राख हो चुका था। इस अग्निकांड में सबसे अधिक नुकसान शमीम अहमद फ्रूट कंपनी को हुआ है। मोहल्ला राजेंद्र नगर निवासी शमीम अहमद थोक फल व्यापारी हैं। उनकी कंपनी में रखे फलों के कैरेट पूरी तरह जल गए, जिससे उन्हें 14 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। वहीं महाराष्ट्र आलू फ्रूट कंपनी के मालिक मोहम्मद मोतीख, निवासी मोहल्ला राजेंद्र नगर, की कंपनी में रखे करीब 600 पेंटी सेब से भरे कैरेट और एसी चैंबर भी आग की चपेट में आ गए। अनुमान के अनुसार उन्हें 15 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। आग की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन स्वयं मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित व्यापारियों से बातचीत कर नुकसान का आकलन किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार भी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग की लपटें काफी तेज थीं और ऊंचा धुआं उठने के कारण पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था। हालांकि समय रहते दमकल विभाग की कार्रवाई से आग को फैलने से रोक लिया गया, जिससे आसपास की अन्य दुकानों को सुरक्षित बचा लिया गया।
सिद्धार्थनगर के बांसी फल मंडी में लगी आग:10 किमी दूर तक दिखी आग की लपटें, दो कारोबारी का लाखों का नुकसान
सिद्धार्थनगर के बांसी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रानी लक्ष्मीनगर नरकटहा स्थित बांसी फल मंडी में बुधवार देर शाम भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। यह घटना उत्तर प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह के महल से सटी फल मंडी में हुई, जहां अज्ञात कारणों से कई कैरेट फल आग की चपेट में आ गए। आग की लपटें और धुएं का गुबार करीब 10 किलोमीटर दूर तक आसमान में दिखाई देता रहा। घटना बुधवार शाम करीब 8 बजे की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक मंडी से धुआं उठता दिखा, जो कुछ ही देर में विकराल आग में तब्दील हो गया। आग लगते ही मंडी में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कई व्यापारियों का लाखों रुपए का माल जलकर राख हो चुका था। इस अग्निकांड में सबसे अधिक नुकसान शमीम अहमद फ्रूट कंपनी को हुआ है। मोहल्ला राजेंद्र नगर निवासी शमीम अहमद थोक फल व्यापारी हैं। उनकी कंपनी में रखे फलों के कैरेट पूरी तरह जल गए, जिससे उन्हें 14 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। वहीं महाराष्ट्र आलू फ्रूट कंपनी के मालिक मोहम्मद मोतीख, निवासी मोहल्ला राजेंद्र नगर, की कंपनी में रखे करीब 600 पेंटी सेब से भरे कैरेट और एसी चैंबर भी आग की चपेट में आ गए। अनुमान के अनुसार उन्हें 15 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। आग की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन स्वयं मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित व्यापारियों से बातचीत कर नुकसान का आकलन किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार भी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग की लपटें काफी तेज थीं और ऊंचा धुआं उठने के कारण पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था। हालांकि समय रहते दमकल विभाग की कार्रवाई से आग को फैलने से रोक लिया गया, जिससे आसपास की अन्य दुकानों को सुरक्षित बचा लिया गया।








