बलरामपुर में गैर संचारी रोगों (एनसीडी) की पहचान और रोकथाम के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने एक समीक्षा बैठक की। बुधवार देर शाम सीएमओ कार्यालय में हुई इस बैठक में जनपद के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) के चिकित्सा अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान एनसीडी स्क्रीनिंग कार्यक्रम की वर्तमान प्रगति, लक्ष्यों की उपलब्धि, स्क्रीनिंग में आ रही चुनौतियों और सुधार के संभावित उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। सीएमओ डॉ. रस्तोगी ने बताया कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर जैसी गैर संचारी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। समय पर पहचान न होने पर ये गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक पीएचसी पर 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों की एनसीडी स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से की जाए। जांच के बाद मरीजों को उचित परामर्श और फॉलोअप सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। डॉ. रस्तोगी ने स्क्रीनिंग डेटा को समय पर पोर्टल पर अपलोड करने, आवश्यक जांच उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और दवाओं के नियमित वितरण को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनजागरूकता गतिविधियों को भी बढ़ाने पर जोर दिया। सीएमओ ने चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि वे सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आशा और एएनएम के माध्यम से समुदाय में जागरूकता फैलाएं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को स्क्रीनिंग के लिए प्रेरित करना है। बैठक में डीपीएम शिवेंद्र मणि त्रिपाठी ने एनसीडी कार्यक्रम के लक्ष्यों, रिपोर्टिंग प्रणाली और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने जनसामान्य को एनसीडी के प्रति जागरूक करने के लिए सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों को मजबूत करने पर बल दिया। अंत में, सीएमओ ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में एनसीडी स्क्रीनिंग को एक अभियान के रूप में चलाएं। इसका उद्देश्य शासन के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करते हुए जनपद में गैर संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाना है।
सीएमओ ने एनसीडी स्क्रीनिंग पर की बैठक:सभी पीएचसी चिकित्साधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
बलरामपुर में गैर संचारी रोगों (एनसीडी) की पहचान और रोकथाम के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने एक समीक्षा बैठक की। बुधवार देर शाम सीएमओ कार्यालय में हुई इस बैठक में जनपद के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) के चिकित्सा अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान एनसीडी स्क्रीनिंग कार्यक्रम की वर्तमान प्रगति, लक्ष्यों की उपलब्धि, स्क्रीनिंग में आ रही चुनौतियों और सुधार के संभावित उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। सीएमओ डॉ. रस्तोगी ने बताया कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर जैसी गैर संचारी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। समय पर पहचान न होने पर ये गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक पीएचसी पर 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों की एनसीडी स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से की जाए। जांच के बाद मरीजों को उचित परामर्श और फॉलोअप सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। डॉ. रस्तोगी ने स्क्रीनिंग डेटा को समय पर पोर्टल पर अपलोड करने, आवश्यक जांच उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और दवाओं के नियमित वितरण को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनजागरूकता गतिविधियों को भी बढ़ाने पर जोर दिया। सीएमओ ने चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि वे सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आशा और एएनएम के माध्यम से समुदाय में जागरूकता फैलाएं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को स्क्रीनिंग के लिए प्रेरित करना है। बैठक में डीपीएम शिवेंद्र मणि त्रिपाठी ने एनसीडी कार्यक्रम के लक्ष्यों, रिपोर्टिंग प्रणाली और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने जनसामान्य को एनसीडी के प्रति जागरूक करने के लिए सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों को मजबूत करने पर बल दिया। अंत में, सीएमओ ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में एनसीडी स्क्रीनिंग को एक अभियान के रूप में चलाएं। इसका उद्देश्य शासन के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करते हुए जनपद में गैर संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाना है।










































