बलरामपुर के विसनीपुर स्थित फुलवरिया चौराहे पर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत एक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान बताया गया कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले को सरकार 25,000 रुपये का नकद इनाम देगी। अभियान में यह भी जानकारी दी गई कि अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई मौत पर परिजनों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। वहीं, ऐसे हादसों में घायल होने पर 50,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह 25,000 रुपये का पुरस्कार ‘राहवीर योजना’ के तहत दिया जाता है। यह योजना घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाकर जीवन बचाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण सरकारी पहल है। अभियान के दौरान अधिकारियों ने दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने की सख्त चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि बिना हेलमेट वाहन चलाना जानलेवा हो सकता है और इसके लिए चालान भी किया जा सकता है। मोटरसाइकिल पर पीछे बैठने वाली सवारी के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है। इस जागरूकता अभियान में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) बृजेश, यातायात प्रभारी उमेश सिंह, प्रवर्तन कमिश्नर अश्वनी कुमार और पशुपति नाथ सहित यातायात विभाग की टीम ने आमजन को संबोधित किया। अधिकारियों ने बताया कि तेज रफ्तार, लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी ही सड़क दुर्घटनाओं और मौतों की मुख्य वजह हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि सड़क दुर्घटना देखने पर पीछे न हटें। उन्होंने कहा कि सही समय पर लिया गया एक निर्णय न केवल किसी की जान बचा सकता है, बल्कि सरकार से सम्मान और आर्थिक सहायता भी दिला सकता है।
सड़क हादसे में जान बचाने पर 25 हजार का इनाम:बलरामपुर में सड़क सुरक्षा माह के तहत जागरूकता अभियान
बलरामपुर के विसनीपुर स्थित फुलवरिया चौराहे पर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत एक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान बताया गया कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले को सरकार 25,000 रुपये का नकद इनाम देगी। अभियान में यह भी जानकारी दी गई कि अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई मौत पर परिजनों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। वहीं, ऐसे हादसों में घायल होने पर 50,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह 25,000 रुपये का पुरस्कार ‘राहवीर योजना’ के तहत दिया जाता है। यह योजना घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाकर जीवन बचाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण सरकारी पहल है। अभियान के दौरान अधिकारियों ने दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने की सख्त चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि बिना हेलमेट वाहन चलाना जानलेवा हो सकता है और इसके लिए चालान भी किया जा सकता है। मोटरसाइकिल पर पीछे बैठने वाली सवारी के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है। इस जागरूकता अभियान में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) बृजेश, यातायात प्रभारी उमेश सिंह, प्रवर्तन कमिश्नर अश्वनी कुमार और पशुपति नाथ सहित यातायात विभाग की टीम ने आमजन को संबोधित किया। अधिकारियों ने बताया कि तेज रफ्तार, लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी ही सड़क दुर्घटनाओं और मौतों की मुख्य वजह हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि सड़क दुर्घटना देखने पर पीछे न हटें। उन्होंने कहा कि सही समय पर लिया गया एक निर्णय न केवल किसी की जान बचा सकता है, बल्कि सरकार से सम्मान और आर्थिक सहायता भी दिला सकता है।





































