
श्रावस्ती जिले के नेवरिया क्षेत्र के दुर्गापुर गांव निवासी प्रभाकर वर्मा ने लगातार दूसरी बार संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा उत्तीर्ण कर जिले का मान बढ़ाया है। इस बार उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 688वीं रैंक हासिल की है। इससे पहले वर्ष 2023 में पहली बार परीक्षा पास करते हुए उन्हें 803वीं रैंक मिली थी। प्रभाकर वर्मा एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता निर्मल कुमार वर्मा किसान हैं, जबकि माता सावित्री देवी गृहिणी हैं।सीमित संसाधनों के बावजूद प्रभाकर ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह सफलता प्राप्त की है। उनके पिता निर्मल कुमार वर्मा ने बताया कि प्रभाकर ने सबसे पहले इंजीनियरिंग सर्विसेज (आईईएस) परीक्षा में पूरे देश में चौथा स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद उन्हें केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, नई दिल्ली में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर नियुक्ति मिली थी। प्रभाकर शुरू से ही एक मेधावी छात्र रहे हैं। वर्ष 2010 में उन्होंने श्री प्रकाश सिंह इंटर कॉलेज मैरिया से हाईस्कूल की परीक्षा में जिला टॉप किया था। इसके बाद वर्ष 2012 में परमहंस राम मंगलदास इंटर कॉलेज लेंगड़ी गूलर से इंटरमीडिएट में भी उन्होंने टॉप किया। इंटर के दौरान ही उन्होंने आईआईटी प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर आईआईटी दिल्ली में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया और 93वीं रैंक के साथ बीटेक की डिग्री प्राप्त की। साल 2016 में बीटेक करने के बाद प्रभाकर वर्मा ने हिंदुस्तान टाइम्स और भारती एयरटेल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्य किया। हालांकि, बाद में उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी। कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग सर्विसेज परीक्षा में सफलता हासिल की और अब दूसरी बार यूपीएससी परीक्षा में 688वीं रैंक प्राप्त की है। प्रभाकर वर्मा का कहना है कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो तो बड़ी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। यूपीएससी अभ्यर्थियों को सलाह देते हुए प्रभाकर ने कहा कि पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। वह स्वयं भी सोशल मीडिया से दूर रहते हैं। उनके अनुसार, तैयारी के दौरान लगातार अध्ययन के साथ अभ्यास और छोटी-छोटी प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेना भी आवश्यक है, जिससे अनुभव और आत्मविश्वास बढ़ता है।











































