
अपर मुख्य सचिव महानिदेशक-UPAM एवं SIRD, एल. वेंकटेश्वर लू (आईएएस) एक दिवसीय दौरे पर श्रावस्ती पहुंचे।उन्होंने लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में गार्ड की सलामी ली। इसके बाद, उन्होंने कलेक्ट्रेट स्थित तथागत हॉल में आयोजित “कर्मयोग, मद्य निषेध एवं विकसित भारत” संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। संगोष्ठी के दौरान, अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों, प्रबुद्धजनों और अन्य हितधारकों के साथ 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर विस्तृत चर्चा की।उन्होंने नशा मुक्त और आध्यात्मिक रूप से सशक्त राष्ट्र के निर्माण पर बल दिया। वेंकटेश्वर लू ने नशे को विकसित भारत के मार्ग में एक बड़ी बाधा बताया और इसके उन्मूलन के लिए जन-जागरूकता बढ़ाने तथा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया।उन्होंने अधिकारियों और नागरिकों को अपने दायित्वों का निर्वहन कर्मयोग की भावना से करने के लिए प्रेरित किया। इसी कार्यक्रम में,अपर मुख्य सचिव और जिलाधिकारी ने तहसील जमुनहा के ग्राम संगम पुरवा निवासी मंगली पुत्र सुभाष चंद्र को सम्मानित किया। मंगली ने होली के दिन राप्ती नदी में डूब रहे चार बच्चों में से तीन को अपनी जान जोखिम में डालकर बचाया था। उन्हें 5,100 रुपये नकद, अंगवस्त्र, किचन सेट, कंबल, तिरपाल और लाइफ जैकेट प्रदान किए गए। जिलाधिकारी ने घोषणा की कि मंगली का नाम “जीवन रक्षा पदक” के लिए भेजा जाएगा, ताकि अन्य नागरिकों को भी आपात परिस्थितियों में मदद करने की प्रेरणा मिल सके। इस अवसर पर, डेनमहामंकोल के प्रतिनिधियों को अंगवस्त्र और गीता भेंट कर सम्मानित किया गया। सदभावना संस्था के अध्यक्ष योगेंद्रमणि त्रिपाठी को भी उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में, अपर मुख्य सचिव श्री वेंकटेश्वर ने कहा कि इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने प्रधानमंत्री के 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के सपने का उल्लेख किया और कहा कि इसे केवल कर्मयोगी बनकर कार्य करने से ही साकार किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत ऋषियों और महापुरुषों की पावन धरती है। उन्होंने जोर दिया कि विकसित भारत के निर्माण के लिए समाज में गहन चिंतन और मंथन आवश्यक है, तभी देश का समग्र विकास सुनिश्चित हो सकता है।










































