बलरामपुर में आगामी मानसून से पहले बाढ़ से निपटने की तैयारी शुरू हो गई है। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।इस बैठक में बलरामपुर सदर विधायक पल्टूराम और तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला भी उपस्थित रहे। इसमें बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान जनपद के सभी तटबंधों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड ने जानकारी दी कि चार प्रमुख तटबंधों पर स्थित 30 गैपों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के कार्य स्वीकृत हो चुके हैं।इन कार्यों को मानसून से पहले शुरू कर दिया जाएगा, ताकि बाढ़ के दौरान किसी भी प्रकार के जोखिम से बचा जा सके। दोनों विधायकों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के बाढ़ प्रभावित और अतिसंवेदनशील गांवों की सूची जिलाधिकारी को सौंपी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इन गांवों को जिला स्तरीय कार्ययोजना में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और सभी सुरक्षात्मक कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रशासन ने 21 पहाड़ी नालों की सिल्ट सफाई का खाका तैयार किया है। इन नालों की कुल लंबाई लगभग 231 किलोमीटर है। इसके अतिरिक्त, विधायकों द्वारा सुझाए गए नाला सफाई के अन्य प्रस्तावों को भी कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश दिए गए।बैठक में बाढ़ के दौरान जलभराव से निपटने के लिए विभिन्न स्थानों पर सायफन निर्माण का भी निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य बाढ़ के पानी की निकासी को तेज और प्रभावी बनाना है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य मानसून से पहले, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने जोर दिया कि बाढ़ राहत एवं बचाव से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, क्योंकि जनसुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड बृजेंद्र तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
बलरामपुर में मानसून से पहले प्रशासन अलर्ट:बाढ़ से निपटने को डीएम-विधायकों की हाई लेवल रणनीति
बलरामपुर में आगामी मानसून से पहले बाढ़ से निपटने की तैयारी शुरू हो गई है। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।इस बैठक में बलरामपुर सदर विधायक पल्टूराम और तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला भी उपस्थित रहे। इसमें बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान जनपद के सभी तटबंधों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड ने जानकारी दी कि चार प्रमुख तटबंधों पर स्थित 30 गैपों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के कार्य स्वीकृत हो चुके हैं।इन कार्यों को मानसून से पहले शुरू कर दिया जाएगा, ताकि बाढ़ के दौरान किसी भी प्रकार के जोखिम से बचा जा सके। दोनों विधायकों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के बाढ़ प्रभावित और अतिसंवेदनशील गांवों की सूची जिलाधिकारी को सौंपी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इन गांवों को जिला स्तरीय कार्ययोजना में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और सभी सुरक्षात्मक कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रशासन ने 21 पहाड़ी नालों की सिल्ट सफाई का खाका तैयार किया है। इन नालों की कुल लंबाई लगभग 231 किलोमीटर है। इसके अतिरिक्त, विधायकों द्वारा सुझाए गए नाला सफाई के अन्य प्रस्तावों को भी कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश दिए गए।बैठक में बाढ़ के दौरान जलभराव से निपटने के लिए विभिन्न स्थानों पर सायफन निर्माण का भी निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य बाढ़ के पानी की निकासी को तेज और प्रभावी बनाना है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य मानसून से पहले, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने जोर दिया कि बाढ़ राहत एवं बचाव से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, क्योंकि जनसुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड बृजेंद्र तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।





































