बहराइच में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के फ्रंटल संगठन गौरक्षा विभाग अवध प्रांत ने गुरुवार को हुजूरपुर ब्लॉक के ज्ञानापुर में चारागाह भूमि पर हुए अतिक्रमण को लेकर जिलाधिकारी (डीएम) को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। विहिप ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में पूर्व में की गई शिकायतों पर कार्रवाई न होने पर नाराजगी व्यक्त की गई। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विहिप जिलाध्यक्ष तरुण सिंह और अजय कुमार सिंह अज्जू ने किया। अजय कुमार सिंह अज्जू ने बताया कि जनपद की विभिन्न तहसीलों में अवैध कब्जे के कारण निराश्रित गोवंश और अन्य जीवों के साथ-साथ गो आश्रय केंद्रों में रहने वाले पशुओं के लिए चारा और प्राकृतिक जल का अभाव है। उन्होंने बताया कि विभिन्न तहसीलों में लगभग सौ हेक्टेयर से अधिक चारागाह और तालाबों की भूमि है, लेकिन अतिक्रमण के कारण यह पशुओं के उपयोग में नहीं आ रही है। उदाहरण के तौर पर, तहसील पयागपुर के हुजूरपुर स्थित ज्ञानापुर की भूमि राजस्व अभिलेखों में चारागाह के रूप में दर्ज है। इस संरक्षित भूमि पर अवैध मजार, मस्जिद, मदरसा और पक्के निर्माण मौजूद हैं। विहिप ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद राजस्व कर्मियों द्वारा अतिक्रमणकारियों से मिलीभगत के कारण अवैध कब्जा हटाने पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि केवल शिकायती प्रार्थना पत्रों पर लीपापोती की जा रही है। संगठन ने सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के उन निर्देशों का हवाला दिया, जिनमें सरकारी भूमि पर हर अवैध अतिक्रमण हटवाए जाने के आदेश दिए गए हैं। विहिप ने मांग की है कि सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध निर्माण या कब्जा नहीं हो सकता है, इसलिए ज्ञानापुर सहित जनपद के अन्य चारागाहों और तालाबों पर हुए कब्जों को तत्काल खाली कराया जाए।
चारागाह भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग: विश्व हिंदू परिषद ने किया प्रदर्शन, नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन – Bahraich News
बहराइच में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के फ्रंटल संगठन गौरक्षा विभाग अवध प्रांत ने गुरुवार को हुजूरपुर ब्लॉक के ज्ञानापुर में चारागाह भूमि पर हुए अतिक्रमण को लेकर जिलाधिकारी (डीएम) को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। विहिप ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में पूर्व में की गई शिकायतों पर कार्रवाई न होने पर नाराजगी व्यक्त की गई। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विहिप जिलाध्यक्ष तरुण सिंह और अजय कुमार सिंह अज्जू ने किया। अजय कुमार सिंह अज्जू ने बताया कि जनपद की विभिन्न तहसीलों में अवैध कब्जे के कारण निराश्रित गोवंश और अन्य जीवों के साथ-साथ गो आश्रय केंद्रों में रहने वाले पशुओं के लिए चारा और प्राकृतिक जल का अभाव है। उन्होंने बताया कि विभिन्न तहसीलों में लगभग सौ हेक्टेयर से अधिक चारागाह और तालाबों की भूमि है, लेकिन अतिक्रमण के कारण यह पशुओं के उपयोग में नहीं आ रही है। उदाहरण के तौर पर, तहसील पयागपुर के हुजूरपुर स्थित ज्ञानापुर की भूमि राजस्व अभिलेखों में चारागाह के रूप में दर्ज है। इस संरक्षित भूमि पर अवैध मजार, मस्जिद, मदरसा और पक्के निर्माण मौजूद हैं। विहिप ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद राजस्व कर्मियों द्वारा अतिक्रमणकारियों से मिलीभगत के कारण अवैध कब्जा हटाने पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि केवल शिकायती प्रार्थना पत्रों पर लीपापोती की जा रही है। संगठन ने सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के उन निर्देशों का हवाला दिया, जिनमें सरकारी भूमि पर हर अवैध अतिक्रमण हटवाए जाने के आदेश दिए गए हैं। विहिप ने मांग की है कि सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध निर्माण या कब्जा नहीं हो सकता है, इसलिए ज्ञानापुर सहित जनपद के अन्य चारागाहों और तालाबों पर हुए कब्जों को तत्काल खाली कराया जाए।









































