बहराइच जिले के महसी उपजिलाधिकारी आलोक प्रसाद को होमगार्डों द्वारा लगाए गए जातिसूचक गाली देने और अपमानित करने के आरोपों से क्लीनचिट मिल गई है। जांच में ये आरोप निराधार पाए गए हैं। बुधवार को होमगार्ड रमाकांत मिश्रा, रामकुमार तिवारी और राजाराम शुक्ला ने उपजिलाधिकारी आलोक प्रसाद पर जातिसूचक गाली देने और अपमानित करने का आरोप लगाया था। उन्होंने जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। होमगार्डों का कहना था कि एक दिव्यांग युवक को उनके कमरे में लाने पर उपजिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए अपशब्द कहे थे। उपजिलाधिकारी ने इन आरोपों को निराधार बताया था। जिलाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार को मुख्य राजस्व अधिकारी जांच के लिए महसी तहसील पहुंचे। उन्होंने शिकायतकर्ता होमगार्डों, दिव्यांग युवक, उपजिलाधिकारी और अन्य कर्मचारियों से मामले की विस्तृत जानकारी ली। अपर जिलाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि जांच के दौरान शिकायतकर्ता आरोपों की पुष्टि के लिए कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाए। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में शिकायत को निराधार बताया है और आरोपों की पुष्टि न होने की जानकारी दी है।
महसी उपजिलाधिकारी आलोक प्रसाद को क्लीनचिट मिली: होमगार्डों को जातिसूचक गाली देने का लगा था आरोप, जांच में निराधार पाए गए – Bahraich News
बहराइच जिले के महसी उपजिलाधिकारी आलोक प्रसाद को होमगार्डों द्वारा लगाए गए जातिसूचक गाली देने और अपमानित करने के आरोपों से क्लीनचिट मिल गई है। जांच में ये आरोप निराधार पाए गए हैं। बुधवार को होमगार्ड रमाकांत मिश्रा, रामकुमार तिवारी और राजाराम शुक्ला ने उपजिलाधिकारी आलोक प्रसाद पर जातिसूचक गाली देने और अपमानित करने का आरोप लगाया था। उन्होंने जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। होमगार्डों का कहना था कि एक दिव्यांग युवक को उनके कमरे में लाने पर उपजिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए अपशब्द कहे थे। उपजिलाधिकारी ने इन आरोपों को निराधार बताया था। जिलाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार को मुख्य राजस्व अधिकारी जांच के लिए महसी तहसील पहुंचे। उन्होंने शिकायतकर्ता होमगार्डों, दिव्यांग युवक, उपजिलाधिकारी और अन्य कर्मचारियों से मामले की विस्तृत जानकारी ली। अपर जिलाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि जांच के दौरान शिकायतकर्ता आरोपों की पुष्टि के लिए कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाए। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में शिकायत को निराधार बताया है और आरोपों की पुष्टि न होने की जानकारी दी है।









































