धर्म की हानि पर भगवान लेते हैं अवतार:अमौली में श्रीमद् भागवत कथा में शास्त्री ने बताया, क्षेत्र हुआ भक्तिमय

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साऊंघाट विकास क्षेत्र की ग्राम पंचायत सेमरा में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन पंडित राजकुमार शास्त्री ने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए भगवान पृथ्वी पर अवतार लेते हैं। उन्होंने बताया कि जब भी धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है, तब भगवान किसी न किसी रूप में धरती पर अवतरित होते हैं। पंडित शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम के अवतारों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इन अवतारों का उद्देश्य भक्तों का उद्धार करना और पृथ्वी को दानवी शक्तियों से मुक्त कराना था। कथावाचक ने बताया कि जब अत्याचारी कंस के पापों का बोझ बढ़ गया और पृथ्वी माता इसे सहन नहीं कर पा रही थीं, तब धरती कंस के पापों से कांपने लगी। सभी देवताओं ने ब्रह्माजी और भगवान शिव के साथ क्षीर सागर में भगवान श्री हरि की स्तुति की। भगवान श्री हरि ने प्रसन्न होकर देवताओं को बताया कि वे वासुदेव और देवकी के घर कृष्ण रूप में जन्म लेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जन्म के बाद वे वृंदावन में मां यशोदा और नंदबाबा के घर बाल लीलाएं करेंगे। पंडित शास्त्री ने आगे कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने पृथ्वी पर अवतार लिया, तब सभी देवता, स्वयं ब्रह्मा और शिव जी भी उनकी लीलाओं के साक्षी बने थे। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और वे गोकुल पहुंच गए। उन्होंने यह भी बताया कि जब भी पृथ्वी पर भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है, तो सभी देवी-देवता किसी न किसी वेश में वहां अवश्य पधारते हैं और जन्मोत्सव का आनंद लेते हैं। कथा का संगीतमय वर्णन सुनकर श्रद्धालु झूम उठे। इस अवसर पर बांकेलाल चौधरी, विशाल चौधरी, कुणाल चौधरी, अरुण यादव, डब्लू चौधरी, महात्म चौधरी, आलोक पाण्डेय, कमलेश चौधरी, अभिनाश चौधरी, राजेश चौधरी, गोलू चौधरी सहित कई श्रोतागण मौजूद रहे।

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