सिद्धार्थनगर में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार, 9 जनवरी को कक्षा आठवीं तक के सभी विद्यालय बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त और निजी, सभी प्रकार के विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शैलेश कुमार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी। बीएसए ने बताया कि सुबह और देर शाम के समय अत्यधिक ठंड, कोहरा और ठंडी हवाओं के कारण छोटे बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। इसी कारण कक्षा एक से आठ तक के छात्रों को विद्यालय आने से राहत दी गई है, ताकि उन्हें ठंड से होने वाली संभावित बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके। एक दिन की छुट्टी बीएसए ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह से छात्रों के हित में लिया गया है। सभी विद्यालय प्रबंधन को इस आदेश का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। यदि कोई विद्यालय आदेश की अवहेलना करते हुए कक्षाएं संचालित करता है, तो संबंधित प्रधानाध्यापक और विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जिसमें मान्यता निरस्तीकरण जैसी दंडात्मक कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय बंद रहने की अवधि में शिक्षक और अन्य कर्मचारी विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। साथ ही, विद्यालय प्रबंधन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि अभिभावकों और छात्रों को इस आदेश की जानकारी समय पर दी जाए, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। उधर, जिला प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे ठंड के मौसम में विशेष सावधानी बरतें। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़ों का उपयोग करें और अनावश्यक रूप से सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक ठंड का असर बना रह सकता है। ऐसे में प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी उचित निर्णय लिए जा सकते हैं।
सिद्धार्थनगर में 8वीं तक के स्कूल कल बंद:शीतलहर का असर, छात्रों के स्वास्थ्य को देखते हुए प्रशासन ने लिया फैसला
सिद्धार्थनगर में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार, 9 जनवरी को कक्षा आठवीं तक के सभी विद्यालय बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त और निजी, सभी प्रकार के विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शैलेश कुमार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी। बीएसए ने बताया कि सुबह और देर शाम के समय अत्यधिक ठंड, कोहरा और ठंडी हवाओं के कारण छोटे बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। इसी कारण कक्षा एक से आठ तक के छात्रों को विद्यालय आने से राहत दी गई है, ताकि उन्हें ठंड से होने वाली संभावित बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके। एक दिन की छुट्टी बीएसए ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह से छात्रों के हित में लिया गया है। सभी विद्यालय प्रबंधन को इस आदेश का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। यदि कोई विद्यालय आदेश की अवहेलना करते हुए कक्षाएं संचालित करता है, तो संबंधित प्रधानाध्यापक और विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जिसमें मान्यता निरस्तीकरण जैसी दंडात्मक कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय बंद रहने की अवधि में शिक्षक और अन्य कर्मचारी विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। साथ ही, विद्यालय प्रबंधन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि अभिभावकों और छात्रों को इस आदेश की जानकारी समय पर दी जाए, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। उधर, जिला प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे ठंड के मौसम में विशेष सावधानी बरतें। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़ों का उपयोग करें और अनावश्यक रूप से सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक ठंड का असर बना रह सकता है। ऐसे में प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी उचित निर्णय लिए जा सकते हैं।









































