भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के 11 गांवों में गुरुवार को ‘छाया एकीकृत टीकाकरण सत्र’ का आयोजन किया गया। इस दौरान 162 बच्चों का टीकाकरण किया गया। साथ ही, 114 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच और टीकाकरण भी हुआ। कुल 483 बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. शैलेन्द्र मणि ओझा ने ग्राम नक्थर देवरिया और सोहना पहुंचकर टीकाकरण सत्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एएनएम, आशा बहू और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित मिलीं। एएनएम के पास अपडेटेड ड्यू लिस्ट और आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध थी। अधीक्षक ने आशा बहुओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे 9 माह से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को गांव से बुलाकर विटामिन ए की खुराक दिलवाने में सहयोग करें। उन्होंने यह भी कहा कि आशा बहुएं नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए 42 दिनों के भीतर सात बार भ्रमण करें। किसी भी बीमारी की स्थिति में नवजात शिशु को निःशुल्क 102 एम्बुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया जाए। डॉ. ओझा ने एएनएम को निर्देशित किया कि वे गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की महत्वपूर्ण जांचें, जैसे एचआईवी, सिफलिस, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन, वजन, ब्लड प्रेशर, यूरिन और पेट की जांच अवश्य करें। इसका उद्देश्य समय रहते जोखिम के लक्षणों की पहचान कर चिकित्सीय इलाज और परामर्श शुरू करना है, ताकि मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित रखा जा सके। इस सत्र के दौरान शेफाली त्रिपाठी, रीना, शशिकला, धर्मावती, श्याम, सुनीता, तारा सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
भनवापुर के 11 गांवों में टीकाकरण सत्र आयोजित:162 बच्चों और 114 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, अधीक्षक ने किया निरीक्षण
भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के 11 गांवों में गुरुवार को ‘छाया एकीकृत टीकाकरण सत्र’ का आयोजन किया गया। इस दौरान 162 बच्चों का टीकाकरण किया गया। साथ ही, 114 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच और टीकाकरण भी हुआ। कुल 483 बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. शैलेन्द्र मणि ओझा ने ग्राम नक्थर देवरिया और सोहना पहुंचकर टीकाकरण सत्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एएनएम, आशा बहू और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित मिलीं। एएनएम के पास अपडेटेड ड्यू लिस्ट और आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध थी। अधीक्षक ने आशा बहुओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे 9 माह से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को गांव से बुलाकर विटामिन ए की खुराक दिलवाने में सहयोग करें। उन्होंने यह भी कहा कि आशा बहुएं नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए 42 दिनों के भीतर सात बार भ्रमण करें। किसी भी बीमारी की स्थिति में नवजात शिशु को निःशुल्क 102 एम्बुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया जाए। डॉ. ओझा ने एएनएम को निर्देशित किया कि वे गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की महत्वपूर्ण जांचें, जैसे एचआईवी, सिफलिस, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन, वजन, ब्लड प्रेशर, यूरिन और पेट की जांच अवश्य करें। इसका उद्देश्य समय रहते जोखिम के लक्षणों की पहचान कर चिकित्सीय इलाज और परामर्श शुरू करना है, ताकि मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित रखा जा सके। इस सत्र के दौरान शेफाली त्रिपाठी, रीना, शशिकला, धर्मावती, श्याम, सुनीता, तारा सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।





































