बस्ती शिक्षक संघ ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी:शिक्षक हितों की रक्षा और पुरानी पेंशन बहाली की मांग

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बस्ती। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने समायोजन की समीक्षा के बाद शिक्षक हितों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने की घोषणा की है। संघ के जिलाध्यक्ष उदयशंकर शुक्ल ने गुरुवार को एक पत्रकार वार्ता में कहा कि देश और प्रदेश के शिक्षक वर्तमान में कठिन दौर से गुजर रहे हैं, जहाँ उनकी जिम्मेदारियाँ लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन अधिकारों में निरंतर कटौती की जा रही है। शुक्ल ने बताया कि पुरानी पेंशन नीति की बहाली को लेकर अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा देशव्यापी आंदोलन चलाया जा रहा है, लेकिन केंद्र और राज्य सरकारें इस मुद्दे पर गंभीर नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि टेट की अनिवार्यता सहित कई अन्य मुद्दों पर भी संघर्ष जारी रहेगा। जिलाध्यक्ष ने यह भी कहा कि प्रधानाध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय, प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय और सहायक अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालयों के रिक्त पदों पर अंतिम वरिष्ठता सूची जारी कराकर पदोन्नति की प्रक्रिया सुनिश्चित कराई जाएगी। उन्होंने किसी भी स्तर पर शिक्षकों का शोषण बर्दाश्त न करने की बात कही। उदयशंकर शुक्ल ने शिक्षकों से 40 से अधिक ऐप पर कार्य कराए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने परिषदीय विद्यालयों को संसाधनों से सुसज्जित करने पर जोर दिया ताकि वे निजी विद्यालयों से बेहतर परिणाम दे सकें। इसके लिए सभी विद्यालयों में डेस्क-बेंच, बालक-बालिका एवं दिव्यांग शौचालय, टाइल्स युक्त कक्षा कक्ष और विद्युत संयोजन की व्यवस्था होनी चाहिए। इस संबंध में शीघ्र ही शासन को ज्ञापन भेजने की बात कही गई। जिला मंत्री राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने मांग की कि शिक्षकों से केवल शिक्षण कार्य ही लिया जाए और गैर-शिक्षणीय कार्यों पर रोक लगे। वरिष्ठ उपाध्यक्ष आनंद दूबे ने शिक्षकों से एकजुट रहने का आह्वान किया। जिला प्रवक्ता सूर्य प्रकाश शुक्ल ने बताया कि इस प्रेस वार्ता में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और शिक्षक उपस्थित रहे।

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