नौतनवा में कलेजा चीर देने वाली वारदात:पिता ने दो मासूमों को सुलाया मौत की नींद,फिर खुद फंदे पर झूला
रिपोर्ट:गजेंद्र गुप्त।
नौतनवा (महराजगंज): भारत-नेपाल सीमा से सटे नौतनवा कस्बे के गांधीनगर वार्ड में रविवार की सुबह खुशियां मातम में बदल गईं। एक पिता की सनक या मजबूरी ने न केवल दो मासूम जिंदगियों की डोर काट दी,बल्कि खुद भी मौत को गले लगा लिया। सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 66वीं वाहिनी में तैनात वंदना कुमारी जब ड्यूटी से लौटीं,तो उनके सामने उनके संसार के तीन शव पड़े थे।अमरेश कुमार ने अपनी 4 वर्षीय बेटी कंचन और 3 वर्षीय बेटे अमरेंद्र का गला घोंटने के बाद कमरे में ही फांसी लगा ली।कमरे की दीवार पर लिखा दर्दनाक संदेश और मिला सुसाइड नोट चीख-चीख कर घर के अंदर चल रहे मानसिक द्वंद्व की कहानी बयां कर रहा है। पुलिस और एसएसबी के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। एक ही घर से उठी तीन अर्थियों ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।










































