बस्ती के हर्रैया तहसील क्षेत्र में कड़ाके की ठंड और पाले के प्रकोप से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लगातार गिरते तापमान के कारण आलू और लाही (सरसों) की फसल पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। रात के समय पड़ रहे पाले से आलू की पत्तियां झुलसने लगी हैं, वहीं लाही की फसल भी सूखने लगी है। फसलों की हालत देखकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। कोहरा और पाले के कारण फसलों में हो रहे नुकसान को देखते हुए किसान अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए तरह-तरह के जतन कर रहे हैं। किसान राधिका चौधरी, विजय चौधरी, रमेश वर्मा, नागेन्द्र कुमार, विकास दूबे और सौरभ गुप्ता सहित अन्य किसानों ने बताया कि आलू और सरसों की फसलों में इस समय कोहरा और पाले से भारी नुकसान हो रहा है। किसानों का कहना है कि इन दिनों आलू और सरसों की फसलें अपने विकास के महत्वपूर्ण समय में हैं। ऐसे में अचानक बढ़ी ठंड और पाले ने फसलों की बढ़वार रोक दी है। कई स्थानों पर खेतों में पौधों की ऊपरी परत जल गई है, जिसका पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा। फसलों को बचाने के लिए किसान देर रात तक खेतों में सिंचाई कर रहे हैं, लेकिन लगातार ठंड पड़ने से उन्हें राहत नहीं मिल पा रही है। इससे फसलों की पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा, जिससे किसान बहुत चिंतित हैं।









































