महादेव घुरहू क्षेत्र के हरिजोत चौराहे स्थित हनुमान मंदिर में चल रहे विष्णु महायज्ञ का आज चौथा दिन है। इस महायज्ञ में कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आचार्य ओम प्रकाश शास्त्री ने भगवान विष्णु की महिमा का वर्णन किया। आचार्य शास्त्री ने बताया कि श्री हरि भगवान विष्णु की कृपा दृष्टि, धर्म की रक्षा और उसकी पुनर्स्थापना के लिए यह एक विशाल अनुष्ठान है। इसमें वेदों के मंत्रों के साथ हवन-पूजा की जाती है। भक्त सांसारिक सुख, मुक्ति और आध्यात्मिक उन्नति की कामना करते हैं। उन्होंने पुराणों में वर्णित यज्ञ के महत्व और शक्ति पर प्रकाश डाला। आचार्य शास्त्री के अनुसार, जब भी दुनिया में अधर्म और अराजकता बढ़ती है, भगवान विष्णु अवतार लेकर धर्म की रक्षा करते हैं। उन्होंने समझाया कि इस यज्ञ से पृथ्वी पर सुख-शांति और समृद्धि आती है, सभी कष्ट दूर होते हैं और विकास के मार्ग खुलते हैं। इस अवसर पर मुख्य यजमान सत्यनारायण यादव, बाबा रामदास त्यागी, कुल्लूर यादव, राजबहादुर यादव, अंगद चौधरी, दिलीप कुमार, दिनेश आर्य, संजय यादव, मनोज चौधरी, जगदीश गुप्ता, किशोर यादव, हरिश्चंद्र, दल बहादुर, टेगन, कनिक राम और बुधराम सहित कई अन्य भक्तगण मौजूद रहे।
हरिजोत हनुमान मंदिर में विष्णु महायज्ञ का चौथा दिन:मकर संक्रांति तक चलेगा अनुष्ठान, आचार्य ओम प्रकाश शास्त्री ने सुनाई कथा
महादेव घुरहू क्षेत्र के हरिजोत चौराहे स्थित हनुमान मंदिर में चल रहे विष्णु महायज्ञ का आज चौथा दिन है। इस महायज्ञ में कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आचार्य ओम प्रकाश शास्त्री ने भगवान विष्णु की महिमा का वर्णन किया। आचार्य शास्त्री ने बताया कि श्री हरि भगवान विष्णु की कृपा दृष्टि, धर्म की रक्षा और उसकी पुनर्स्थापना के लिए यह एक विशाल अनुष्ठान है। इसमें वेदों के मंत्रों के साथ हवन-पूजा की जाती है। भक्त सांसारिक सुख, मुक्ति और आध्यात्मिक उन्नति की कामना करते हैं। उन्होंने पुराणों में वर्णित यज्ञ के महत्व और शक्ति पर प्रकाश डाला। आचार्य शास्त्री के अनुसार, जब भी दुनिया में अधर्म और अराजकता बढ़ती है, भगवान विष्णु अवतार लेकर धर्म की रक्षा करते हैं। उन्होंने समझाया कि इस यज्ञ से पृथ्वी पर सुख-शांति और समृद्धि आती है, सभी कष्ट दूर होते हैं और विकास के मार्ग खुलते हैं। इस अवसर पर मुख्य यजमान सत्यनारायण यादव, बाबा रामदास त्यागी, कुल्लूर यादव, राजबहादुर यादव, अंगद चौधरी, दिलीप कुमार, दिनेश आर्य, संजय यादव, मनोज चौधरी, जगदीश गुप्ता, किशोर यादव, हरिश्चंद्र, दल बहादुर, टेगन, कनिक राम और बुधराम सहित कई अन्य भक्तगण मौजूद रहे।









































