श्रावस्ती जनपद के इकौना विकास खंड क्षेत्र में किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पहले से ही खाद और बीज की किल्लत से जूझ रहे किसानों के लिए अब नीलगायों का हमला नई मुसीबत बन गया है। नीलगायों के झुंड रात में खेतों में घुसकर गेहूं, सरसों, चना सहित अन्य रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों के किसान नीलगायों के डर से रात भर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं, फिर भी फसलें सुरक्षित नहीं रह पा रही हैं। कई गांवों में किसान खेतों के चारों ओर कांटेदार झाड़ियां लगा रहे हैं, तारबंदी कर रहे हैं और शोर मचाने जैसे उपाय अपना रहे हैं, लेकिन इन पर नीलगायों का खास असर नहीं हो रहा है। किसानों का आरोप है कि फसल बर्बादी से उनकी मेहनत और लागत दोनों व्यर्थ हो रही है। खाद-बीज की महंगाई और समय पर उपलब्धता न मिलने से पहले ही परेशान किसान अब नीलगायों से होने वाले नुकसान के कारण आर्थिक संकट में घिरते जा रहे हैं। किसानों ने प्रशासन और वन विभाग से नीलगायों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे उनकी फसलों को बचाया जा सकेगा और उन्हें राहत मिल सकेगी।









































