कन्हौली पंचायत में मनरेगा कार्यों में अनियमितता का आरोप:कसैला निवासी ने सीडीओ से की जांच और कार्रवाई की मांग

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बहादुरपुर विकास खंड की कन्हौली ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगा है। कसैला निवासी पवन कुमार गुप्ता ने इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों की बिंदुवार जांच, भौतिक सत्यापन और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, गबन की गई धनराशि की वसूली की भी अपील की गई है। सीडीओ को दिए गए पत्र में पवन कुमार गुप्ता ने बताया कि कन्हौली ग्राम पंचायत में कच्चे चकरोड पर भूमि सुधार कार्य के नाम पर मस्टर रोल जारी कर ग्राम रोजगार सेवक द्वारा श्रमिकों की फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस चकरोड पर मस्टर रोल जारी किया गया है, उसके दोनों ओर गेहूं और सरसों की फसल खड़ी है। इससे वहां से मिट्टी निकाले जाने की कोई संभावना नहीं है। गुप्ता ने यह भी बताया कि जिन चकरोडों पर कार्य दर्शाया गया है, वहां घास जमी हुई है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ है। उन्होंने रामअधार के चक से बभनियाव सरहद तक और रियाज के चक से नियाज अहमद के चक तक चकरोड पर भूमि सुधार कार्य के लिए मस्टर रोल जनरेट होने का उल्लेख किया। एनएमएमएस/एसएसएमएस पोर्टल पर अपलोड की गई तस्वीरों में श्रमिकों की संख्या मस्टर रोल से मेल नहीं खाती। कहीं कम महिला श्रमिकों के स्थान पर अधिक महिलाओं की फोटो अपलोड की गई है, तो कहीं पुरुष श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर दर्शाई गई है। पवन कुमार गुप्ता का आरोप है कि एक ही फोटो को बार-बार खींचकर एनएमएमएस पर अपलोड किया जा रहा है। यह स्थिति ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान, ग्राम रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक की मिलीभगत से सरकारी धन के बंदरबांट का संकेत देती है। गुप्ता ने यह भी कहा कि कन्हौली ग्राम पंचायत में पिछले चार वर्षों में जिन कार्यों पर भुगतान किया गया है, उनमें से अधिकांश कार्य धरातल पर मौजूद नहीं हैं। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। सीडीओ सार्थक अग्रवाल ने बताया कि प्रार्थना पत्र मिला है। जिसको जांच के लिए संबंधित विभाग को अग्रसारित कर दिया गया है

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